पाकिस्तान को F-16 के लिए बजट, तो भारत को F-35 का ऑफर, दो पड़ोसियों के बीच कौन सा खेल कर रहा अमेरिका

अमेरिका की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को लेकर अलग-अलग रक्षा सौदों की पेशकश की है. जहां भारत को अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान की पेशकश की गई है, वहीं पाकिस्तान को उसके F-16 लड़ाकू बेड़े के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है.

Pakistan gets budget for F-16 while India gets offer of F-35 what game is America playing between the two neighbours
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- FreePik

वॉशिंगटन: अमेरिका की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को लेकर अलग-अलग रक्षा सौदों की पेशकश की है. जहां भारत को अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान की पेशकश की गई है, वहीं पाकिस्तान को उसके F-16 लड़ाकू बेड़े के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. यह निर्णय अमेरिका की भू-राजनीतिक रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है.

अमेरिका की बदली हुई नीतियां और इसके प्रभाव

जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद, ट्रंप ने विदेशी सहायता पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया था. हालांकि, जल्द ही उन्होंने अपने रुख में बदलाव करते हुए मिस्र और इज़राइल जैसे सहयोगी देशों को सैन्य सहायता की अनुमति दी. अब इसी नीति के तहत पाकिस्तान को F-16 लड़ाकू विमानों की मरम्मत और रखरखाव के लिए $397 मिलियन की वित्तीय सहायता दी गई है. अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों तक सीमित रहेगी और इसका उपयोग भारत के खिलाफ नहीं किया जा सकेगा.

पाकिस्तान को सैन्य सहायता: नया कदम या पुरानी रणनीति?

ट्रंप प्रशासन के इस कदम ने इसलिए भी ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि 2018 में इसी प्रशासन ने पाकिस्तान को सभी प्रकार की सैन्य और सुरक्षा सहायता रोक दी थी. उस समय ट्रंप ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ अपर्याप्त कार्रवाई करने और अमेरिका को "धोखा" देने का आरोप लगाया था. अब इसी प्रशासन द्वारा पाकिस्तान को वित्तीय सहायता देना एक नीतिगत बदलाव को दर्शाता है.

भारत के लिए F-35 की पेशकश

इसके समानांतर, अमेरिका ने भारत को 5वीं पीढ़ी के F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान की पेशकश की है. यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत रूसी S-400 वायु रक्षा प्रणाली का उपयोग कर रहा है. अतीत में, अमेरिका ने तुर्की को इसी वजह से F-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया था. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है.

अमेरिका की दोहरी रणनीति पर सवाल

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका द्वारा भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग सैन्य सहायता देने का उद्देश्य दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखना है. हालांकि, भारत ने पहले भी पाकिस्तान को F-16 की बिक्री पर आपत्ति जताई थी, खासकर जब 2019 में बालाकोट हमले के बाद पाकिस्तान ने इन विमानों का इस्तेमाल किया था. अमेरिका ने तब पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि इन विमानों का उपयोग केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए होना चाहिए.

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