हूतियों पर काल बनकर बरसेंगे डोनाल्ड ट्रंप, 180 एयरक्राफ्ट और सैकड़ों मिसाइल तैनात; ईरान की होगी हालत खराब!

अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए मिडिल ईस्ट में एक और कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेजने का आदेश दिया है.

Donald Trump on Houthis 180 aircraft and hundreds of missiles deployed Iran
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

वाशिंगटनः रेड सी में लंबे समय से जारी अमेरिका और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच की जंग अब और तेज़ होने जा रही है. हाल ही में, अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए मिडिल ईस्ट में एक और कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेजने का आदेश दिया है. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसकी पुष्टि की है. यह कदम इस बात का संकेत है कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी हवाई युद्ध क्षमता को बढ़ा रहा है. पिछले छह महीने में यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने दो एयरक्राफ्ट कैरियर एक साथ मिडिल ईस्ट में तैनात किए हैं.

USS कार्ल विंसन का मिडिल ईस्ट में आगमन

अमेरिकी नौसेना के न्यूक्लियर पावर्ड सुपर कैरियर USS कार्ल विंसन इस समय इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में तैनात था, जहां उसने कोरिया और जापान के साथ मिलकर नॉर्थ चाईना सी में अभ्यास किया था. अब, अभ्यास खत्म होते ही इसे मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दे दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, USS कार्ल विंसन और इससे जुड़े कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अगले महीने तक मिडिल ईस्ट के पास पहुंच जाएंगे.

हूती द्वारा हमले और अमेरिका की प्रतिक्रिया

हूती विद्रोहियों द्वारा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों का अमेरिका द्वारा मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. सेंट्रल कमांड के तहत अब दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ऑपरेशन में होंगे. दिसंबर 2022 में, USS हैरी एस. ट्रूमन ने स्वेज कैनाल पार करते हुए रेड सी क्षेत्र में पहुंचकर हूती पर बड़ा हमला किया था. इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में USS गेटिसबर्ग, USS स्टाउट और USS जैसन डनहम शामिल थे. अब USS कार्ल विंसन के साथ एक नया स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है.

मिडिल ईस्ट में तैनाती की ताकत

USS कार्ल विंसन और इससे जुड़ा स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट में अपनी तैनाती से अमेरिका की हवाई युद्ध क्षमता को और बढ़ा देंगे. इन दोनों कैरियर स्ट्राइक ग्रुपों में कुल 180 से ज्यादा एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर तैनात हैं. इनमें F-18 E, F-18F, F-35C जैसे स्ट्राइक फाइटर स्कवॉड्रन और इलेक्ट्रॉनिक अटैक स्कवॉड्रन EA-18G, E-2D एयरबोर्न कमॉड एंड कंट्रोल स्कवॉड्रन जैसे विमान शामिल हैं. इसके साथ ही MH-60 R और MH-60S हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं. इस तैनाती के साथ, यमन का आसमान अगले दिनों में और भी संघर्षपूर्ण होने की संभावना है.

आधुनिक सैन्य तैनाती का महत्व

अमेरिका के लिए यह कदम मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने और किसी भी संभावित खतरे का तुरंत जवाब देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. पिछले साल USS रूजवेल्ट को मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया था, जिसे बाद में USS अब्राहम लिंकन ने रिप्लेस किया. इसी समय, USS रूजवेल्ट की तैनाती को बढ़ा दिया गया था, जिससे अमेरिकी सेंट्रल कमांड में दो एयरक्राफ्ट कैरियर एक साथ तैनात हो गए थे. इस बार, USS कार्ल विंसन को खासतौर पर हूती के खिलाफ भेजा जा रहा है, जो इस क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति को और सशक्त करेगा.

कुल मिलाकर, अमेरिका की सैन्य तैनाती

अमेरिका की इस तैनाती से यह स्पष्ट हो गया है कि वह मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत को किसी भी हालात में बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है. हूती विद्रोहियों के खिलाफ इस ताकतवर कदम से क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव और बढ़ सकता है, और साथ ही भविष्य में किसी भी संघर्ष के लिए तैयार रहना भी अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

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