सुनीता विलियम्स को अपनी जेब से ओवरटाइम का पैसा देंगे ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा ऐलान

वाशिंगटनः ये दोनों अंतरिक्ष यात्री महज 8 दिन के लिए स्पेस स्टेशन गए थे, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से उनका मिशन अचानक 9 महीने तक खिंच गया.

Trump will pay Sunita Williams overtime money from his own pocket
सुनीता विलियम्स | Photo: ANI

वाशिंगटनः हाल ही में अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से 9 महीने के बाद वापस धरती पर लौटे हैं. हालांकि, ये दोनों अंतरिक्ष यात्री महज 8 दिन के लिए स्पेस स्टेशन गए थे, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से उनका मिशन अचानक 9 महीने तक खिंच गया. इस दौरान इन दोनों को ओवरटाइम वेतन नहीं मिला, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जेब से इन अंतरिक्ष यात्रियों को पैसे देने की बात कही.

राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को आईएसएस में उनके अप्रत्याशित रूप से बढ़े हुए प्रवास के लिए ओवरटाइम वेतन नहीं दिया गया. ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह खुद अपनी जेब से इन अंतरिक्ष यात्रियों को उनका हक दिलवाएंगे.

"किसी ने मुझे इस बारे में बताया नहीं था"

व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान फॉक्स न्यूज के पत्रकार पीटर डूसी ने राष्ट्रपति ट्रंप को सूचित किया कि अंतरिक्ष यात्रियों को उनके विस्तारित समय के लिए ओवरटाइम वेतन नहीं दिया गया. उन्हें प्रति दिन 5 डॉलर मिलने थे, जो 286 दिनों के लिए कुल 1,430 डॉलर (लगभग 1 लाख 22 हजार 980 रुपये) बनता है. यह जानकारी मिलने के बाद ट्रंप ने कहा, "किसी ने मुझे इस बारे में बताया नहीं था, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो मैं अपनी जेब से इनको भुगतान करूंगा. जो उन्होंने सहा है, उसके लिए यह करना कोई बड़ी बात नहीं है."

इसके बाद ट्रंप ने स्पेसएक्स के एलन मस्क का आभार भी व्यक्त किया, जिन्होंने इन अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर सुरक्षित वापस लाने में अहम भूमिका निभाई. यह सभी अंतरिक्ष यात्री बुधवार को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार होकर धरती पर लौटे थे.

8 दिन के लिए अंतरिक्ष भेजा गया था

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के टेस्ट मिशन के लिए 8 दिन के लिए अंतरिक्ष भेजा गया था, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते यह मिशन अचानक 9 महीने लंबा हो गया. अंतरिक्ष यान पिछले साल सितंबर में यात्रियों के बिना ही धरती पर लौट आया था.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रीफिंग में कहा, "सोचिए, अगर हमारे पास मस्क नहीं होते तो क्या होता. भले ही वो कैप्सूल में थे, लेकिन 9 या 10 महीने के बाद शरीर पर असर दिखने लगता." उन्होंने आगे कहा, "14-15 महीनों के बाद हड्डियां कमजोर पड़ने लगतीं. अगर मस्क नहीं होते, तो इन यात्रियों को धरती पर वापस लाने वाला कोई नहीं होता."

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