Israel-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है. रविवार को उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब ईरान के खिलाफ नरमी नहीं बरती जाएगी और अगर हालात नहीं सुधरे, तो अमेरिका सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान जल्द ही दबाव में आ जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो अमेरिका वह कदम उठाएगा जो पहले नहीं उठाए गए. उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि ईरान की “खतरनाक गतिविधियों” को पूरी तरह खत्म किया जाए. यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है और हालात संवेदनशील बने हुए हैं.
सोशल मीडिया पर दी चेतावनी
ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करके कही. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है. ट्रंप के मुताबिक, शनिवार (18 अप्रैल) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की तरफ से फायरिंग की गई. उनका कहना है कि यह फायरिंग एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटेन के मालवाहक जहाज की तरफ की गई, जो समझौते के नियमों के खिलाफ है.
क्या है पूरा मामला
ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच पहले एक तरह का सीजफायर समझौता था, लेकिन हाल की घटना ने उस पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल का व्यापार होता है.
बातचीत की कोशिश भी जारी
हालांकि, एक तरफ जहां ट्रंप ने कड़ा रुख दिखाया है, वहीं दूसरी तरफ बातचीत की कोशिश भी जारी है. उन्होंने बताया कि उनके प्रतिनिधि इस्लामाबाद जा रहे हैं, जहां वे सोमवार (20 अप्रैल) तक पहुंचेंगे और आगे की बातचीत करेंगे. इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक रास्ता खुला रखना चाहता है, लेकिन साथ ही दबाव भी बनाए रखना चाहता है.
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है. खासकर तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है. इसलिए आने वाले कुछ दिन इस मामले में काफी अहम माने जा रहे हैं.
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