ईरानी गोलीबारी नहीं रोक पाई भारतीय जहाज का रास्ता, होर्मुज से तेल लेकर निकला 10वां टैंकर 'देश गरिमा'

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरानी नौसेना की कार्रवाई के बीच एक बार फिर भारतीय समुद्री बेड़े ने बड़ी कामयाबी हासिल की है.

Indian Ship Desh Garima Carrying Crude Oil Crosses Strait amid Iranian Firing
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरानी नौसेना की कार्रवाई के बीच एक बार फिर भारतीय समुद्री बेड़े ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. शनिवार को भारतीय ध्वज लेकर चल रहा कच्चे तेल का टैंकर ‘देश गरिमा’ सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गया और अब यह मुंबई बंदरगाह की ओर रवाना है. यह इस श्रृंखला का 10वां जहाज है जो इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा है.

हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं रही. इसी दिन ईरानी गनबोट्स द्वारा की गई फायरिंग के कारण दो भारतीय तेल टैंकरों को बीच रास्ते से ही अपनी यात्रा रोककर वापस लौटना पड़ा. इसके अलावा, ईरान की ओर से भारतीय ध्वज वाले जहाज ‘जग अर्नव’ पर भी हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है. यह जहाज उन 16 टैंकरों की सूची में शामिल था जिन्हें सुरक्षित निकालने की योजना बनाई जा रही थी.

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से शनिवार को होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रेडियो संदेश के जरिए चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि इस मार्ग से पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इससे पहले एक दिन पूर्व ईरान ने सीमित रूप से “सुरक्षित मार्ग” उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन हालात तेजी से बदलते रहे.

कई जहाज अब भी फंसे हुए

मैरीटाइम ट्रैफिक से मिले आंकड़ों के अनुसार अभी भी कई भारतीय और विदेशी जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. स्थिति इस प्रकार बताई जा रही है—

  • 13 भारतीय जहाज होर्मुज के पश्चिम यानी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं
  • 6 जहाज ओमान की खाड़ी क्षेत्र में रुके हुए हैं
  • 1 जहाज अदन की खाड़ी में स्थित है
  • 3 जहाज लाल सागर क्षेत्र में खड़े हैं

इन जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार निगरानी और समन्वय किया जा रहा है.

सरकार की आपात तैयारी

स्थिति को देखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम और रसायन मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से बड़ा निकासी अभियान तैयार किया है. योजना के तहत कुल 17 जहाजों को सुरक्षित मार्ग से बाहर निकालने की व्यवस्था की गई है. इनमें शामिल हैं—

  • 10 कच्चे तेल के टैंकर
  • 4 LPG कैरियर
  • 3 LNG जहाज

इनमें 3 जहाज भारतीय ध्वज वाले हैं जबकि बाकी 14 विदेशी रजिस्ट्रेशन के तहत चल रहे हैं.

इसके अलावा रसायन मंत्रालय की ओर से 16 अतिरिक्त जहाजों की भी सूची तैयार की गई है जिन्हें सुरक्षित क्षेत्र में लाया जाना है. अब तक विभिन्न शिपिंग कंपनियों के सहयोग से 2,487 नाविकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जो राहत की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. यह रास्ता विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस के परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

हाल के समय में इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और संभावित अवरोध की आशंकाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित किया है. भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है. यही कारण है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर भारत की आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है.

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