नेक कोशिश नाकाम हो गई... महिला आरक्षण पर बोले पीएम मोदी, विपक्ष पर साधा निशाना

PM Modi On Women Reservation Bill: शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल पास नहीं हो सका. इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बयान सामने आया है. उन्होंने तमिलनाडु में जनसभा के दौरान विपक्ष, खासकर कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा.

A noble effort failed Tamil Nadu PM Modi spoke on women reservation targeted the opposition
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PM Modi On Women Reservation Bill: शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल पास नहीं हो सका. इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बयान सामने आया है. उन्होंने तमिलनाडु में जनसभा के दौरान विपक्ष, खासकर कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा.

पीएम मोदी ने कहा कि अगर यह बिल पास हो जाता तो महिलाओं को सीधा फायदा मिलता. उन्होंने बिल के पास न होने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह एक बड़ा मौका था, जो गंवा दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा यहीं खत्म नहीं होगा. बीजेपी और एनडीए आगे भी महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे.

पीएम मोदी का बयान

पीएम मोदी ने कहा, 'आज मैं अपनों के बीच अपनी पीड़ा और अपना गुस्सा जाहिर करना चाहता हूं. 2023 में, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को, हमने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया.'

पीएम मोदी ने कहा, 'मैंने व्यक्तिगत रूप से सभी राजनीतिक दलों से इसे समर्थन देने की अपील की थी. मैंने उनसे स्पष्ट रूप से कहा था कि वो इसका क्रेडिट ले सकते हैं, मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मेरा मकसद ये था कि साधारण परिवारों की बहनें ज्यादा तादाद में संसद और विधानसभाओं में आ सकें.'

"नेक कोशिश नाकाम हो गई"

उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन दुर्भाग्य से, ये नेक कोशिश नाकाम हो गई. द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने घृणा और ओछी राजनीति से इसे निशाना बनाया. अगर ये बिल पारित हो जाता, तो साधारण परिवारों की कई तमिल महिलाएं सांसद और विधायक बन जातीं. 2011 की जनगणना के आधार पर, तमिलनाडु को कई और सीटें मिलने वाली थीं. लेकिन, ये साफ है कि डीएमके ऐसा नहीं चाहती थी. अब, उनके कामों का पर्दाफाश हो गया है.'

दूसरे विकल्पों पर हो रहा विचार 

सरकार पहले ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का वादा कर चुकी है. अब खबर है कि इसे लागू करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है.

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