नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को लेकर देश को संबोधित किया है. पीएम मोदी ने कहा है कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध करके पाप किया है और इसके लिए उसे निश्चित रूप से दंड मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की महिलाओं ने देखा कि कैसे कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसे दलों ने हमारी नारी शक्ति के खिलाफ अपनी स्वार्थ भरी राजनीति का जश्न मनाया.
उन्होंने कहा कि यूपी की महिलाएं सपा को नहीं भूलेंगी. कांग्रेस का काम झूठ बोलना है. उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन के विरोध का एक मुख्य कारण वंशवाद वाली पार्टियों में डर है. उन्हें चिंता है कि अगर महिलाओं को सच में मज़बूत बनाया गया, तो उनके लीडरशिप स्ट्रक्चर को चुनौती मिल सकती है. वे नहीं चाहते कि उनके अपने परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें और लीड करें.
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अक्सर देश में बांटने वाली बातें फैलाई हैं. उसने यह दावा फैलाया कि डिलिमिटेशन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा. हालांकि, सरकार ने शुरू से ही यह साफ कर दिया था कि किसी भी राज्य का हिस्सा कम नहीं होगा और रिप्रेजेंटेशन कम नहीं होगा. सीटें उसी हिसाब से बढ़ेंगी.
"कांग्रेस एक एंटी-रिफॉर्म पार्टी"
उन्होंने कहा कि तब भी, कांग्रेस ने DMK, TMC और SP के साथ मिलकर इसे मानने से इनकार कर दिया. DMK के पास तमिलनाडु से ज़्यादा लोगों को मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट बनाने और राज्य की आवाज़ को मजबूत करने का मौका था. उसने वह मौका हाथ से जाने दिया. पीएम मोदी ने कहा कि TMC के पास भी पश्चिम बंगाल से ज़्यादा लोगों को मजबूत बनाने और उनका रिप्रेजेंटेशन बढ़ाने का मौका था, लेकिन वह भी इसका फ़ायदा नहीं उठा पाई.
पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कांग्रेस एक एंटी-रिफॉर्म पार्टी है. कांग्रेस के एंटी-रिफॉर्म रवैये ने हमेशा देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस के हर विरोध, हर फैसले, हर धोखे और चाल का नतीजा देश ने भुगता है; देश की पीढ़ियों ने भुगता है.
पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में मिली है और कांग्रेस आज भी उसी बैसाखी पर चल रही है. कांग्रेस ने हमेशा देश में बंटवारे वाली भावनाओं को हवा दी है. इसीलिए यह झूठ फैलाया गया कि डिलिमिटेशन या रीडिस्ट्रिक्टिंग से कुछ राज्यों को नुकसान होगा, जबकि सरकार ने पहले दिन से ही यह साफ कर दिया है कि किसी भी राज्य की हिस्सेदारी का अनुपात नहीं बदलेगा, न ही किसी का रिप्रेजेंटेशन कम होगा; बल्कि सभी राज्यों की सीटें बराबर अनुपात में बढ़ेंगी.
बता दें कि पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन महिला आरक्षण संविधान संशोधन बिल पास होने के एक दिन बाद आया है. परिसीमन के जरिए महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े प्रस्तावित कानून के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन लंबी और गरमागरम बहस के बाद यह पास नहीं हो पाया. इसके बाद हुई वोटिंग में, 298 सदस्यों ने बिल का समर्थन किया, जबकि 230 ने इसका विरोध किया, जिससे यह हार गया. पीएम मोदी का देश के नाम आखिरी भाषण 21 सितंबर को था, जब उन्होंने GST सुधारों के बारे में बात की थी.
ये भी पढ़ें: नेक कोशिश नाकाम हो गई... महिला आरक्षण पर बोले पीएम मोदी, विपक्ष पर साधा निशाना