नई दिल्ली: महिला सशक्तिकरण के सवाल पर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के जरिए बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण बिल को लेकर भावनात्मक और आक्रामक दोनों तेवर दिखाए.
पीएम मोदी ने अपने संदेश में जहां महिलाओं से इस बिल के अब तक पारित न हो पाने पर खेद जताया, वहीं विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बाधा डालने का जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद राजनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा हो गई है और महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गया है, जहां एक तरफ सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की कोशिश कर रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष इस पूरे मसले को राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहा है.
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
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