नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती… पढ़ें PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

पीएम मोदी ने अपने संदेश में जहां महिलाओं से इस बिल के अब तक पारित न हो पाने पर खेद जताया, वहीं विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बाधा डालने का जिम्मेदार ठहराया.

PM Modi address to nation women reservation bill speech highlights
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नई दिल्ली: महिला सशक्तिकरण के सवाल पर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के जरिए बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण बिल को लेकर भावनात्मक और आक्रामक दोनों तेवर दिखाए.

पीएम मोदी ने अपने संदेश में जहां महिलाओं से इस बिल के अब तक पारित न हो पाने पर खेद जताया, वहीं विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बाधा डालने का जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद राजनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा हो गई है और महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गया है, जहां एक तरफ सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की कोशिश कर रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष इस पूरे मसले को राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहा है.

पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  • आज भले ही, बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिले हों, लेकिन मैं जानता हूं देश की 100 प्रतिशत नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है.
  • महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे. उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी! वो नारी के स्वाभिमान पर... उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती.
  • नारीशक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है. नारीशक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम सभी राज्यों को भी समान वृद्धि का प्रयास था.
  • इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी.
  • नारीशक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है. इन परिवारवादी पार्टियों का डर! इन्हें डर है- अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा.
  • सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा न किसी का Representation कम होगा. बल्कि, सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी.
  • महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है. कांग्रेस, एक एंटी-रिफॉर्म पार्टी है. लटकाना-भटकाना-अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है.
  • ये विषय नाकामी या क्रेडिट का नहीं था. मैंने संसद में भी कहा था आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के लोगों को दे दूंगा.
  • मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करेंगे.
  • संसद में नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है उनसे मैं दो टूक कहूंगा ये लोग नारी शक्ति को For Granted ले रहे हैं.

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