ईरान पर गुप्त हमला! बहरीन-कुवैत ने अंदर घुसकर किया ऑपरेशन, UAE ने दी खुफिया मदद

UAE Strike Inside Iran: पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव अब सिर्फ ईरान, अमेरिका और इजरायल तक सीमित नहीं रह गया है. इस संघर्ष का असर खाड़ी के कई देशों पर भी पड़ रहा है. कई जगहों पर हमले हुए हैं और महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचा है. इसी के बाद खाड़ी के कुछ देशों ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.

Secret attack on Iran Bahrain and Kuwait conducted an incursion operation UAE intelligence support
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

UAE Strike Inside Iran: पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव अब सिर्फ ईरान, अमेरिका और इजरायल तक सीमित नहीं रह गया है. इस संघर्ष का असर खाड़ी के कई देशों पर भी पड़ रहा है. कई जगहों पर हमले हुए हैं और महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचा है. इसी के बाद खाड़ी के कुछ देशों ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन और कुवैत ने ईरान के अंदर जाकर हवाई हमले किए. वहीं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस पूरे अभियान में खुफिया जानकारी और हवाई सुरक्षा से जुड़ी मदद की. इस गुप्त ऑपरेशन ने क्षेत्र में चल रही जंग को और गंभीर बना दिया है.

किन देशों ने ईरान के खिलाफ चलाया ऑपरेशन?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन में खाड़ी के तीन देश शामिल थे. बहरीन और कुवैत ने सीधे ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि UAE ने पर्दे के पीछे रहकर इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.

रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार था जब बहरीन और कुवैत ने ईरान के खिलाफ इतनी सीधी सैन्य कार्रवाई की. इससे पहले ये देश ईरान के साथ सीधे टकराव से बचते रहे थे.

ईरान के किन ठिकानों पर हुआ हमला?

जानकारी के मुताबिक, बहरीन और कुवैत के लड़ाकू विमानों ने ईरान के अंदर उन जगहों को निशाना बनाया, जहां से ड्रोन और मिसाइल ऑपरेशन चलाए जाते थे.

  • ड्रोन और मिसाइल रखने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया.
  • कुछ सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई.
  • ईरान की हमले की क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की गई.

हालांकि ईरान की ओर से इन हमलों को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं.

UAE ने निभाई सबसे अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में UAE की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने ईरानी सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाने में मदद की. इसके अलावा जब बहरीन और कुवैत के विमान ईरानी सीमा में पहुंचे, तो उन्हें हवाई सुरक्षा देने में भी UAE की भूमिका रही. यानी एक तरफ जहां बहरीन और कुवैत ने सीधा हमला किया, वहीं UAE ने इस पूरे अभियान को रणनीतिक समर्थन दिया.

अमेरिका की वजह से बढ़ा भरोसा?

सैन्य ताकत के मामले में ईरान खाड़ी क्षेत्र का एक बड़ा देश है. उसके पास बड़ी सेना, लंबी दूरी की मिसाइलें और मजबूत सैन्य ढांचा मौजूद है. इसके मुकाबले बहरीन और कुवैत छोटे देश हैं, लेकिन दोनों देशों के पास आधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमान और रक्षा तकनीक मौजूद है. बहरीन और कुवैत को अमेरिका का सुरक्षा सहयोग भी मिलता है. यही वजह मानी जा रही है कि इन देशों ने ईरान के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाने का साहस दिखाया.

पश्चिम एशिया की जंग में नया मोड़

अगर ये रिपोर्ट सही साबित होती है तो यह पश्चिम एशिया के संघर्ष में बड़ा बदलाव माना जाएगा. अब तक ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका और इजरायल सबसे आगे नजर आते थे, लेकिन खाड़ी के छोटे देशों की सीधी भागीदारी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है.

इससे आने वाले समय में ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है. पश्चिम एशिया की यह जंग अब सिर्फ दो-तीन देशों के बीच नहीं रह गई है, बल्कि कई देशों के हित इसमें जुड़ चुके हैं.

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