चिनाब में बढ़ा पानी तो बौखलाया पाकिस्तान, भारत पर मढ़ा बाढ़ का ठीकरा, MEA ने खोली भिखारियों की पोल

चिनाब नदी में आई बाढ़ को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है. भारत सरकार ने साफ कहा है कि पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है.

India Reply To Pakistan amid Flood In Chenab River Says No Water Released Intentionally
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चिनाब नदी में आई बाढ़ को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है. भारत सरकार ने साफ कहा है कि पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है. यह स्थिति जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण बनी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चिनाब नदी में पानी का बढ़ना पूरी तरह से प्राकृतिक कारणों की वजह से हुआ है. उन्होंने पाकिस्तान के उन आरोपों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि भारत ने जानबूझकर पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति पैदा की.

भारी बारिश से बढ़ा चिनाब का जलस्तर

रणधीर जायसवाल ने कहा कि 20 से 23 जुलाई के बीच जम्मू और ऊपरी इलाकों में भारी मानसूनी बारिश हुई थी. इसी वजह से चिनाब नदी में पानी का बहाव बढ़ा.

उन्होंने कहा कि मौसम की वजह से आई बाढ़ को भारत की किसी कार्रवाई से जोड़ना पूरी तरह गलत है. यह आरोप न तो तथ्यों पर आधारित हैं और न ही तकनीकी रूप से सही हैं.

पाकिस्तान को पहले ही मिल चुकी थी चेतावनी

विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने 22 जुलाई को ही संभावित बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी.

भारत ने कहा कि खुद पाकिस्तान की आधिकारिक रिपोर्ट भी यह बताती है कि बाढ़ की स्थिति भारी बारिश के कारण बनी थी. ऐसे में भारत पर लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है.

जानकारी साझा करता रहेगा भारत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पहले की तरह जरूरत पड़ने पर मानवीय आधार पर पाकिस्तान के साथ नदी के पानी के बहाव से जुड़ी जानकारी साझा करता रहेगा.

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय नदी का बहाव इतना ज्यादा असामान्य नहीं था कि अलग से बड़ी बाढ़ चेतावनी जारी करनी पड़े. पानी का स्तर सामान्य मानसूनी स्थिति के अनुसार ही था.

सिंधु जल संधि पर भारत का रुख साफ

विदेश मंत्रालय ने सिंधु जल संधि को लेकर भी भारत का रुख दोहराया. भारत ने कहा कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं करता.

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और सिंधु जल संधि को लेकर फैसला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

1960 में हुई थी सिंधु जल संधि

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षर हुए थे. इस समझौते में सिंधु नदी प्रणाली के पानी के इस्तेमाल को लेकर नियम तय किए गए थे.

हालांकि, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया था. भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ भरोसेमंद और स्थायी कदम नहीं उठाता, तब तक यह फैसला जारी रहेगा.

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