पाकिस्तान के गधे बने 'बेशकीमती', चीन में क्यों बढ़ रही मांस और खालों की मांग? जानें वजह

पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा और व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. इसी बीच दोनों देशों के बीच गधों का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है. चीन में पाकिस्तानी गधों की मांग बढ़ने से पाकिस्तान में इनकी कीमत भी काफी बढ़ गई है.

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा और व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. इसी बीच दोनों देशों के बीच गधों का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है. चीन में पाकिस्तानी गधों की मांग बढ़ने से पाकिस्तान में इनकी कीमत भी काफी बढ़ गई है. इसकी बड़ी वजह गधे की खाल से बनने वाला चीन का पारंपरिक उत्पाद एजियाओ है.

पाकिस्तान में गधा लंबे समय से गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों के लिए कमाई का साधन रहा है. लेकिन अब इसकी खाल की मांग ने इसे अंतरराष्ट्रीय कारोबार का हिस्सा बना दिया है. चीन में गधे की खाल से जिलेटिन तैयार किया जाता है, जिसका इस्तेमाल एजियाओ बनाने में होता है. चीन में इसे पारंपरिक दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.

चीन को हर साल लाखों गधों की खाल चाहिए

एजियाओ बनाने के लिए चीन को हर साल बड़ी संख्या में गधों की खाल की जरूरत होती है. हिनरिच फाउंडेशन के 2026 के एक विश्लेषण के मुताबिक, चीन में हर साल करीब 40 से 60 लाख गधों की खाल की मांग है. घरेलू आपूर्ति कम पड़ने के कारण चीन दूसरे देशों से खाल मंगाता है.

पाकिस्तान में गधों की बड़ी संख्या के कारण वह चीन के लिए इस कारोबार में अहम देश बन गया है. दोनों देशों ने 2024 में गधे की खाल और मांस के निर्यात से जुड़े नियमों को अंतिम रूप दिया था. इसके बाद पाकिस्तान ने इस कारोबार को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए.

बढ़ती मांग से गधों की कीमत बढ़ी

गधों की बढ़ती मांग का असर उनकी कीमत पर भी पड़ा है. रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ साल पहले पाकिस्तान के कई इलाकों में एक गधे की कीमत करीब 30 हजार रुपये तक थी. अब अच्छी नस्ल और ज्यादा वजन वाले गधों की कीमत 2 लाख रुपये तक पहुंच रही है.

मई में कुछ नियामकीय देरी के कारण चीन को गधे के मांस और खाल का कारोबार प्रभावित हुआ था. इसके बाद पाकिस्तान ने इसके निर्यात को मंजूरी देने की दिशा में कदम बढ़ाए.

पाकिस्तान के आर्थिक सर्वे के मुताबिक, देश में गधों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2025-26 में इनकी आबादी करीब 62 लाख हो गई, जबकि पिछले साल यह करीब 60 लाख थी. पाकिस्तान अब गधे के मांस और खाल से जुड़े उत्पादों के निर्यात को एक बड़े कारोबार के रूप में देख रहा है.

अफ्रीका पर पाबंदियों के बाद पाकिस्तान पर नजर

चीन लंबे समय से अफ्रीकी देशों से गधे की खाल खरीदता रहा है. लेकिन अफ्रीकी देशों में गधे की खाल के कारोबार पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं. इसके बाद चीन ने दूसरे देशों में इसकी सप्लाई तलाशनी शुरू की.

इसी वजह से पाकिस्तान चीन के लिए अहम बन गया है. दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में गधों के फार्म खोलने को लेकर भी बातचीत चल रही है. चीन चाहता है कि पाकिस्तान में बड़े स्तर पर गधों का पालन किया जाए, जिससे एजियाओ बनाने के लिए उसे लगातार गधे की खाल मिलती रहे.

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