नेशनल टीचर्स अवार्ड 2026 का ऐलान, लिस्ट में 48 शिक्षक शामिल, 5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा सम्मान घोषित किया है. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए देशभर से 48 स्कूली शिक्षकों का चयन किया गया है.

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नई दिल्ली: शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा सम्मान घोषित किया है. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए देशभर से 48 स्कूली शिक्षकों का चयन किया गया है. इनमें केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय विद्यालय और पीएम श्री स्कूलों सहित अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षक शामिल हैं. चयनित शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं. उत्तर प्रदेश से तीन, जबकि बिहार और मध्य प्रदेश से दो-दो शिक्षकों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है.

5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को सभी चयनित शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान करेंगी. शिक्षक दिवस देश में हर साल 5 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. ऐसे में इस दिन शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना उनके योगदान को विशेष पहचान देता है.

27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से चयन

इस बार पुरस्कार के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षकों का चयन किया गया है. चयनित शिक्षकों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से जे प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कौलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू तामे, असम से राजेश बोरदोलोई और दिल्ली से सुमन गोयल शामिल हैं. जनजातीय मामलों के मंत्रालय के एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल से जफर आलम को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है. गोवा से महादेव हनमंत शिंदे, गुजरात से नितिन कुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा से अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश से मंजरी वी महाजन, जम्मू-कश्मीर से मोहम्मद अयाज रैना और मध्य प्रदेश से अर्चना शुक्ला भी पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में शामिल हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और लद्दाख समेत अन्य क्षेत्रों के शिक्षक भी सूची में हैं.

तीन स्तरों की प्रक्रिया के बाद हुआ चयन

केंद्र सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में पूरी की. पहले जिला स्तर पर शिक्षकों के योगदान का आकलन किया गया, इसके बाद राज्य स्तर पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया. इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों की पहचान करना है, जिन्होंने अपने स्कूल और छात्रों के लिए सामान्य जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर प्रभावशाली काम किया है.

शिक्षकों की मेहनत और नवाचार को सम्मान

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों के समर्पण को पहचान देने का माध्यम है. सरकार का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सामने लाना है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और नए तरीकों के जरिए स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में योगदान दिया है. ऐसे शिक्षक न सिर्फ बच्चों को पाठ्यक्रम की शिक्षा देते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं.

छात्रों के जीवन को बेहतर बनाने वाले शिक्षकों को सलाम

48 शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन इस बात को रेखांकित करता है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है. अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से चुने गए ये शिक्षक अपने काम के जरिए छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और सीखने का बेहतर माहौल तैयार करने में योगदान दे रहे हैं. 5 सितंबर को राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने के साथ इन शिक्षकों की उपलब्धि को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और यह सम्मान देशभर के शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित भी करेगा.

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