लद्दाख के लोगों के लिए न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट की एक बेंच स्थापित करने के फैसले को मंजूरी दी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस कदम से खासकर दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी. हाई कोर्ट की बेंच स्थानीय स्तर पर न्यायिक सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
कानूनी काम के लिए दूर जाने की परेशानी होगी कम
लद्दाख का भौगोलिक क्षेत्र काफी विस्तृत और कई हिस्से दुर्गम हैं, ऐसे में न्यायिक मामलों के लिए लंबी दूरी तय करना लोगों के लिए समय और संसाधन दोनों की चुनौती बन सकता है. हाई कोर्ट की बेंच स्थापित होने के बाद स्थानीय नागरिकों को कानूनी प्रक्रियाओं के लिए अपेक्षाकृत बेहतर और आसान पहुंच मिल सकेगी. सरकार का कहना है कि इससे कानूनी सेवाओं में लगने वाला समय कम होगा और मामलों से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
The Union Cabinet, under the leadership of the PM Shri @narendramodi Ji, has decided to set up a bench of the High Court of Jammu and Kashmir in Ladakh. This will significantly enhance access to justice for citizens living in remote areas of Ladakh by reducing the time required…
— Amit Shah (@AmitShah) August 20, 2026
26 अगस्त को हाई कोर्ट में रहेगा अवकाश
इसी बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट से जुड़ी एक प्रशासनिक अधिसूचना भी सामने आई है. हाई कोर्ट ने 26 अगस्त 2026 को न्यायालय के लिए अवकाश घोषित किया है. इसके बदले 19 दिसंबर 2026 को कार्य दिवस के रूप में रखा गया है. 25 अगस्त 2026 को पहले ही ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन अब उस तारीख को हाई कोर्ट के लिए नॉन-सिटिंग डे के तौर पर रखा जाएगा. यह बदलाव हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी अधिसूचना के तहत किया गया है.
19 दिसंबर को होगा कार्य दिवस
18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, 25 अगस्त के नॉन-सिटिंग डे के बदले 26 अगस्त को अवकाश रखा गया है. वहीं, 19 दिसंबर 2026, जिसे पहले नॉन-सिटिंग डे घोषित किया गया था, अब 25 अगस्त के बदले कार्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा. हाई कोर्ट की ओर से जारी इस प्रशासनिक बदलाव के साथ लद्दाख में प्रस्तावित हाई कोर्ट बेंच का फैसला न्यायिक पहुंच के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. आने वाले समय में इस बेंच के जरिए क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सेवाओं का कितना लाभ मिलता है, इस पर नजर रहेगी.
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