Indian Navy: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है. भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अपने युद्धपोतों की तैनाती बढ़ा दी है.
नौसेना का मुख्य उद्देश्य भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और उन्हें सुरक्षित भारत तक पहुंचाना है. इसी सुरक्षा मिशन के तहत INS शिवालिक, INS सुनयना और जग लाडकी जैसे जहाज सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं.
क्यों बढ़ाई गई तैनाती?
पहले इस इलाके में मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट के तहत आमतौर पर 1 से 3 युद्धपोत तैनात रहते थे, लेकिन अब खतरे को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ा दी गई है. सुरक्षा कारणों से सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है.
इन युद्धपोतों का काम खतरनाक समुद्री रास्तों से गुजर रहे भारतीय जहाजों की निगरानी करना और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है. फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर नौसेना की नजर बनी हुई है.
दो बड़े ऑपरेशन जारी
भारतीय नौसेना इस समय दो अहम मिशन चला रही है:
क्या है मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट?
2017 से भारतीय नौसेना मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट के तहत दुनिया के 6 अहम समुद्री क्षेत्रों में लगातार तैनात रहती है. इसके तहत:
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