Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच एक गंभीर घटना ने सुर्खियां बटोरी हैं. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात हत्या कर दी गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, रथ को 7.6 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल से तीन गोलियां लगी थीं. गोली लगने से उनका दिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मल्टी-ऑर्गन फेलियर हो गया, जिससे उनकी मौत हुई. बताया गया है कि गोली लगने और उन्हें बचाने के बीच काफी समय बीत गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.
शव को उनके घर पहुंचाया गया
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद चंद्रनाथ रथ की बॉडी बारासात हॉस्पिटल के मुर्दाघर से बाहर निकाली गई और शव वाहन के जरिए उनके घर चांदीपुर ले जाया गया. इस दौरान हॉस्पिटल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. सुरक्षा के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई. फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता और बारासात म्युनिसिपैलिटी के पूर्व वाइस चेयरमैन संजीव चटर्जी ने अस्पताल में चंद्रनाथ की बॉडी पर श्रद्धांजलि स्वरूप माला चढ़ाई.
गोलीकांड का पूरा मंजर
सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम के दोहड़िया इलाके में बाइक सवार हमलावर ने चंद्रनाथ रथ की कार पर फायरिंग की. कार में उनके साथ ड्राइवर बुद्धदेव भी मौजूद थे. दोनों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया. वहीं, बुद्धदेव को गंभीर हालत में कोलकाता के ईएम बाईपास के पास स्थित एक अस्पताल में शिफ्ट किया गया.
फोरेंसिक जांच और सबूतों की बरामदगी
हमले के तुरंत बाद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और कार से सैंपल इकट्ठा किए. जांच में कार की ड्राइवर और आगे की सीट पर खून के धब्बे मिले. कार के विभिन्न हिस्सों की जाँच की गई और सुबह कार को दूसरी जगह ले जाया गया.
SIT और पुलिस की जांच
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया. इस टीम में राज्य पुलिस और CID अधिकारी शामिल हैं. प्रारंभिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि SIT में कितने सदस्य हैं और कौन-कौन से अधिकारी जांच में शामिल हैं. इसके अलावा, पुलिस ने एक फोर-व्हीलर जब्त किया है, जिसका नंबर प्लेट सिलीगुड़ी का बताया जा रहा है, लेकिन इसे नकली माना जा रहा है. घटनास्थल से कुछ गोलियां और इस्तेमाल किए गए कारतूस भी बरामद हुए हैं.
उच्च अधिकारियों का दौरा
हत्या के बाद बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल प्रवीण कुमार और राज्य पुलिस के एक्टिंग डीजी सिद्धनाथ गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने जांच की प्रक्रिया का जायजा लिया, लेकिन पब्लिकली ज्यादा बयान देने से परहेज किया.
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