Operation Sindoor Anniversary: 7 मई 2026 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पूरी हो गई. भारत ने यह सैन्य अभियान पिछले साल 7 मई से 10 मई के बीच चलाया था. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 पर्यटकों की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा था और भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया. इसी के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद कई आतंकी ढांचों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सबसे चर्चित सैन्य कार्रवाइयों में गिना जा रहा है. इस ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी अड्डों, एयरबेस, रडार सिस्टम और एयर डिफेंस नेटवर्क को लेकर कई दावे सामने आए. हालांकि पाकिस्तान की ओर से नुकसान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स, डोजियर और खुले स्रोतों से कई अहम जानकारियां सामने आईं.
पाकिस्तान के किन इलाकों को बनाया गया निशाना?
खुले स्रोतों और पाकिस्तानी डोजियर के अनुसार, भारतीय कार्रवाई का असर पाकिस्तान के कई बड़े इलाकों तक देखा गया. पंजाब प्रांत के रावलपिंडी, लाहौर, मियांवाली, सरगोधा और डिंगा जैसे शहरों का नाम सामने आया. इसके अलावा सिंध प्रांत के कराची और हैदराबाद, बलूचिस्तान के क्वेटा, तुर्बत और ग्वादर, खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर और डेरा इस्माइल खान तथा गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कार्दू इलाके भी चर्चा में रहे.
हालांकि इन स्थानों पर कितना वास्तविक नुकसान हुआ, इसकी पूरी और आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है. कई रिपोर्ट्स में टारगेट और नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे किए गए.
किन एयरबेस पर हुआ हमला?
मीडिया रिपोर्ट्स और विभिन्न रक्षा स्रोतों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के करीब एक दर्जन एयरबेस भारतीय हमलों की जद में आए. इनमें नूर खान एयरबेस, रफीकी, मुरिद, सुक्कर, सियालकोट, पसूर, चूनियां, सरगोधा, स्कार्दू, भोलारी और जैकबाबाद प्रमुख रूप से शामिल बताए गए.
इसके अलावा चकलाला और रहीम यार खान एयरपोर्ट का नाम भी सामने आया. कुछ रिपोर्ट्स में मसरूर और समुंगली एयरबेस पर भी हमले का दावा किया गया. भारतीय सेना की ओर से इन ठिकानों को निशाना बनाकर पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की गई थी.
चीनी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम पर कितना असर?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौजूद चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भी कई दावे सामने आए. रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने शुरुआती चरण में पाकिस्तान के एयर डिफेंस नेटवर्क को जाम करने और कई सिस्टम को निष्क्रिय करने की रणनीति अपनाई थी.
लाहौर क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम के प्रभावित होने और पसूर इलाके में रडार इंस्टॉलेशन को नुकसान पहुंचने की बातें भी सामने आईं. इसके अलावा कुछ अर्ली वॉर्निंग रडार सिस्टम के नष्ट होने की जानकारी भी विभिन्न रिपोर्ट्स में दी गई. हालांकि मॉडल-वार या पूरी सूची अब तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है.
लड़ाकू विमानों को कितना नुकसान?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना को हुए नुकसान को लेकर भी कई दावे किए गए. रिपोर्ट्स में नूर खान एयरबेस पर एक सी-130 विमान को नुकसान पहुंचने का जिक्र किया गया. वहीं भोलारी एयरबेस पर कुछ विमानों और रडार सिस्टम को डैमेज होने की जानकारी सामने आई.
कुछ रक्षा रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि इस सैन्य अभियान के दौरान पाकिस्तान के कम से कम पांच लड़ाकू जेट और एक अर्ली वॉर्निंग विमान को नुकसान पहुंचा. हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस तरह की कोई विस्तृत आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई.
शांत, तीव्र और निर्णायक।
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) May 1, 2026
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कितनी हुई जनहानि?
पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर 40 नागरिकों और 13 सैन्य कर्मियों की मौत स्वीकार की थी. हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय और रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं ज्यादा हो सकता है.
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि 10 मई को हुए हमलों में पाकिस्तान के कई एयरमैन मारे गए थे. दूसरी ओर भारत ने दावा किया था कि शुरुआती हमलों में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. हालांकि पाकिस्तान लगातार अपनी जमीन पर आतंकी ठिकानों और आतंकियों की मौजूदगी से इनकार करता रहा.
कौन-कौन से आतंकी ठिकाने तबाह हुए?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने जिन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, उनमें बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, मुजफ्फराबाद, शवाई नाला कैंप, गुलपुर, बरनाला और सियालकोट के कई आतंकी ढांचे शामिल बताए गए.
रिपोर्ट्स के अनुसार इन ठिकानों का इस्तेमाल आतंकियों की ट्रेनिंग, हथियारों के भंडारण और लॉन्च पैड के तौर पर किया जाता था. भारतीय हमलों के बाद इन इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें सामने आईं.
आतंकी संगठनों को लगा बड़ा झटका
ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को बड़ा नुकसान पहुंचा. कुछ रिपोर्ट्स में आतंकी मसूद अज़हर के परिवार के कई सदस्यों और उसके करीबी सहयोगियों के मारे जाने की बात कही गई. वहीं अब्दुल रऊफ अज़हर का नाम भी चर्चा में आया, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई.
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