MEA On PAK-China Relation: विदेश मंत्रालय ने हालिया प्रेस ब्रीफिंग में चीन और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी रिपोर्ट्स सामने आने के बाद भारत ने साफ शब्दों में कहा कि जो देश आतंकियों का बचाव करते हैं, उन्हें अपनी भूमिका पर सोचने की जरूरत है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की कार्रवाई पूरी तरह सटीक और सोच-समझकर की गई थी.
इसका मकसद सिर्फ उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, जो पाकिस्तान की मदद से चल रहे थे. उन्होंने बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकियों को बचाने की कोशिश करते हैं, जिससे उनकी वैश्विक छवि पर असर पड़ता है.
#WATCH | Delhi: On reports of China admitting on-ground support to Pakistan during Operation Sindoor, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "We have seen reports that corroborate what was known earlier. Operation Sindoor was a precise, targeted, and calibrated response to the… pic.twitter.com/9ltetqIwmL
— ANI (@ANI) May 12, 2026
भारत ने कहा- आतंकवाद का समर्थन करने वालों को सोचना चाहिए
भारत ने साफ कहा कि जो देश आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क को बचाते हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. विदेश मंत्रालय के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर ने उन बातों की पुष्टि कर दी है, जिनके बारे में भारत पहले से जानकारी रखता था. भारत का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में वह किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करेगा और आतंकियों को समर्थन देने वालों पर नजर रखेगा.
नेपाल को लेकर भारत की नई रणनीति
विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री जल्द नेपाल दौरे पर जाएंगे. नेपाल सरकार की तरफ से उन्हें विशेष निमंत्रण भेजा गया है. भारत ने कहा कि नेपाल के साथ उसके रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पारिवारिक भी हैं. दोनों देशों के बीच लंबे समय से रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है. हाल के दिनों में भारत और नेपाल के बीच बातचीत बढ़ी है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती देखने को मिल रही है.
ब्रिक्स बैठक की मेजबानी करेगा भारत
इस हफ्ते भारत ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है. बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे. बताया जा रहा है कि ब्रिक्स देशों के सभी विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे.
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ा हुआ है. भारत इस मंच पर ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने की कोशिश करेगा. भारत ने साफ संकेत दिए हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है और बड़े वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखेगा.
ये भी पढ़ें- पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह में बड़ा आतंकी हमला, भीषण धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत; कई घायल