भारत के पास अब कितने दिन का पेट्रोल-डीजल बचा है, आज इंपोर्ट बंद हो जाए तो कितने दिन चलेगा?

India's Oil Reserve: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से अपील की कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ईंधन का संयमित और समझदारी से उपयोग किया जाए.

How many days of petrol and diesel is left with India now Hormuz Strait
Image Source: Freepik

India's Oil Reserve: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से अपील की कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ईंधन का संयमित और समझदारी से उपयोग किया जाए. इस अपील के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर देशभर में हलचल शुरू हो गई.

सरकार ने भरोसा दिलाया

हड़बड़ी और पैनिक बाइंग को देखते हुए सोमवार को केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित है. पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि भारत के पास वर्तमान समय में 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों का नैचुरल गैस और 45 दिनों का LPG स्टॉक मौजूद है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और किसी भी तरह की राशनिंग (Supply Limitation) की योजना नहीं है. नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक खरीदारी से बचें.

भारत के तेल आयात में विविधता

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपने तेल आयात स्त्रोतों में विविधता लाई है ताकि किसी एक क्षेत्र में तनाव होने पर सप्लाई बाधित न हो. रूस वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है, जिससे मध्य-पूर्व पर निर्भरता कम हुई है. इसके अलावा अमेरिका, ब्राजील और गुयाना जैसे देशों से भी तेल आयात किया जा रहा है. अफ्रीकी देशों पर ध्यान देते हुए भारत नाइजीरिया और अंगोला से भी अपनी जरूरतों का एक हिस्सा पूरा करता है. यह रणनीति सुनिश्चित करती है कि अगर होर्मुज या लाल सागर में तनाव उत्पन्न हो, तब भी तेल की आपूर्ति जारी रहे.

पीएम मोदी की अपील का उद्देश्य

पीएम मोदी ने नागरिकों से संयमित ईंधन उपयोग की अपील इसलिए की ताकि देश की विदेशी मुद्रा और संसाधनों की बचत हो सके. उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी तेल कंपनियां वैश्विक अस्थिरता के बावजूद कीमतों और सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए वित्तीय संसाधनों का भरपूर उपयोग कर रही हैं.

इस प्रकार सरकार ने साफ किया कि देश में ईंधन की स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है और जनता को बिना जरूरत घबराने की कोई वजह नहीं है. संयमित और समझदारी से ईंधन का उपयोग करना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी फायदेमंद रहेगा.

ये भी पढ़ें: रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, DA में इतने प्रतिशत की हुई बढ़ोत्तरी; जनवरी 2026 से होगा लागू