अमेरिका इस रवैये को याद रखेगा... ईरान जंग में शामिल ना होने के कारण NATO पर भड़के ट्रंप, बता दिया कायर

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो देशों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने अपने बयान में साफ तौर पर नाराजगी जताई और यूरोप के देशों की भूमिका पर सवाल उठाए.

America will remember this attitude Trump gets angry at Europe for not joining the Iran war
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West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो देशों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने अपने बयान में साफ तौर पर नाराजगी जताई और यूरोप के देशों की भूमिका पर सवाल उठाए.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि नाटो देश इस समय जिम्मेदारी से बच रहे हैं. उनका कहना है कि जब ईरान के साथ तनाव बढ़ा, तब इन देशों ने कोई खास भूमिका नहीं निभाई. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के बिना नाटो की ताकत कमजोर है और वह सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाता है.

यूरोप पर जताई नाराजगी

ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर अपना गुस्सा निकालते हुए कहा कि वे इस संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहते थे. उनका मानना है कि ईरान को रोकने की लड़ाई में इन देशों को आगे आना चाहिए था, लेकिन उन्होंने दूरी बनाए रखी. उन्होंने यह भी कहा कि अब जब हालात कुछ हद तक काबू में हैं, तब यही देश तेल की बढ़ती कीमतों की शिकायत कर रहे हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बयान

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ट्रंप ने नाराजगी जताई. उनका कहना है कि यह एक ऐसा रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है. उन्होंने कहा कि इसे सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है, लेकिन नाटो देशों ने इसमें मदद के लिए अपनी सेना नहीं भेजी. ट्रंप के मुताबिक, यह एक आसान सैन्य कदम हो सकता था, जिससे तेल की कीमतों को काबू में रखा जा सकता था.

तेल की कीमतों पर भी उठाया सवाल

ट्रंप ने कहा कि आज जो तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, उसके पीछे एक बड़ा कारण यही है कि जरूरी कदम नहीं उठाए गए. उनका मानना है कि अगर समय पर कार्रवाई होती, तो हालात इतने खराब नहीं होते और आम लोगों पर इसका असर कम पड़ता.

आगे के लिए दी चेतावनी

अपने बयान में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका इस रवैये को याद रखेगा. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे समय में सहयोग न करना सही नहीं है और इसका असर आगे के संबंधों पर पड़ सकता है.

बढ़ते तनाव के बीच कड़े बयान

इस पूरे मामले से साफ है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है. अलग-अलग देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या नाटो देश इस मुद्दे पर अपनी रणनीति बदलते हैं या फिर इसी तरह दूरी बनाए रखते हैं.

 

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