एक बार में दुश्‍मन के 100 ड्रोन राख कर देगा अमेरिका का यह घातक हथियार, जानें इसकी ताकत और खासियत

आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच, अमेरिका की एक कंपनी ने एक अभिनव हथियार विकसित किया है, जो ड्रोन युद्ध की दिशा बदल सकता है. कैलिफोर्निया के टोरेंस स्थित एपिरस कंपनी ने एक हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) वेपन विकसित किया है, जिसे लियोनिडस नाम दिया गया है.

This deadly weapon of America will destroy 100 enemy drones at once know its power and specialty
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- FreePik

वॉशिंगटन: आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच, अमेरिका की एक कंपनी ने एक अभिनव हथियार विकसित किया है, जो ड्रोन युद्ध की दिशा बदल सकता है. कैलिफोर्निया के टोरेंस स्थित एपिरस कंपनी ने एक हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) वेपन विकसित किया है, जिसे लियोनिडस नाम दिया गया है. यह हथियार एक बार में ही 100 से अधिक दुश्मन ड्रोन को निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है. यदि यह तकनीक प्रभावी सिद्ध होती है, तो यह युद्ध रणनीतियों में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है.

लियोनिडस की शक्ति और कार्यप्रणाली

यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लियोनिडस सिस्टम एक अत्यधिक केंद्रित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) उत्पन्न करता है, जो दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय कर देता है. यह हथियार न केवल हवा में उड़ रहे ड्रोन पर असर डालता है, बल्कि ज़मीन और समुद्र पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है. इसे "स्टार ट्रेक-स्टाइल शील्ड" की तरह बताया जा रहा है, जो दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को बेकार करने में सक्षम है.

क्यों खास है यह तकनीक?

ड्रोन युद्ध के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए, पारंपरिक हथियार जैसे मिसाइल और एंटी-एयरक्राफ्ट गन कम प्रभावी साबित हो रहे हैं. ड्रोन की संख्या अधिक होने और उनकी गति तेज होने के कारण इन्हें रोकना चुनौतीपूर्ण होता है. लियोनिडस सिस्टम इस समस्या का हल प्रदान करता है.

  • यह डायरेक्टेड एनर्जी टेक्नोलॉजी का उपयोग करके कई ड्रोन को एक साथ निशाना बना सकता है.
  • यह बार-बार उपयोग किया जा सकता है, जिससे इसकी परिचालन लागत काफी कम हो जाती है.
  • 300 MHz से 300 GHz तक की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें उत्पन्न करने की क्षमता के कारण यह बड़े क्षेत्र में प्रभाव डाल सकता है.
  • यह ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में करंट उत्पन्न कर उन्हें निष्क्रिय करता है.

लियोनिडस सिस्टम का संचालन

यह उन्नत हथियार सॉलिड-स्टेट HPM टेक्नोलॉजी पर आधारित है. हालांकि, कंपनी ने इसकी विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर:

  • इसमें सॉलिड-स्टेट एम्पलीफायर लगे होते हैं, जो शक्तिशाली माइक्रोवेव सिग्नल उत्पन्न करते हैं.
  • एक एडवांस्ड टारगेटिंग और कंट्रोल सिस्टम इसमें शामिल है, जिसमें रडार और ऑप्टिकल सेंसर मौजूद होते हैं.
  • यह स्वतः लक्ष्य पहचानने और प्राथमिकता के आधार पर हमले करने में सक्षम है.
  • प्रकाश की गति से संचालित होने के कारण यह किसी भी पारंपरिक हथियार से अधिक तेज़ प्रतिक्रिया देने में सक्षम है.
  • यह अपने और दुश्मन के ड्रोन में फर्क कर सकता है, जिससे गलती से अपने ड्रोन पर हमला करने का खतरा नहीं रहता.

युद्ध का भविष्य

अगर यह हथियार प्रभावी साबित होता है, तो यह आधुनिक युद्धक्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है. बढ़ते ड्रोन हमलों के बीच, यह हथियार कम लागत में और अधिक सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता रखता है. इससे न केवल सैन्य बलों को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा रणनीतियों को भी नया रूप दे सकता है.

ये भी पढ़ें- Shani Gochar 2025: चैत्र अमावस्या पर आज शनि का सबसे बड़ा गोचर, जानें सभी राशियों पर क्या पड़ेगा असर