अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पाकिस्तान को लेकर एक महत्वपूर्ण ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें अपने नागरिकों को पाकिस्तानी यात्रा से पहले गंभीरता से विचार करने की सलाह दी गई है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान यह समझ रहा था कि वह ट्रंप के करीबी देशों में से एक है, खासकर पाकिस्तान के प्रमुख नेता और सैन्य अधिकारियों के अमेरिका दौरे को लेकर.
पाकिस्तान को 'लेवल 3' में रखा गया
अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान को सुरक्षा दृष्टि से उच्च जोखिम वाले देशों की सूची में शामिल कर लिया है. पाकिस्तान को "लेवल 3" कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि यह एक ऐसा देश है, जहां आतंकवादी हमले और अन्य सुरक्षा संबंधित खतरे का सामना करना पड़ सकता है. इस एडवाइजरी में कहा गया है कि पाकिस्तान में सार्वजनिक स्थानों पर जैसे बस स्टैंड, शॉपिंग मॉल, होटल, और धार्मिक स्थल पर आतंकी हमले हो सकते हैं.
खैबर पख्तूनख्वा को 'लेवल 4' में रखा गया
अमेरिका ने खैबर पख्तूनख्वा (KPK) को 'लेवल 4' में रखा है, जिसमें उन क्षेत्रों को रखा जाता है, जहां यात्रियों को जाने की सख्त सलाह नहीं दी जाती. इन इलाकों में हत्या और अपहरण जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है, खासकर सरकारी अधिकारियों के लिए. ट्रंप प्रशासन ने यह चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों को यात्रा करने से पूरी तरह से बचना चाहिए.
पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते में बदलाव
पाकिस्तान के लिए ट्रंप प्रशासन की यह एडवाइजरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल ही में पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अमेरिका दौरे के बाद यह संकेत मिल रहे थे कि दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हो रहे थे. इसके बावजूद, अमेरिका का यह नया रुख पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति के प्रति गंभीर चिंता को दर्शाता है.
भारत को 'लेवल 2' में रखा गया
जहां एक तरफ पाकिस्तान के लिए यह चेतावनी जारी की गई, वहीं भारत को अमेरिका ने 'लेवल 2' कैटेगरी में रखा है. इसका मतलब है कि भारत में यात्रा करते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है, विशेष रूप से पाकिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों में.
नागरिकों से अपील: सावधानी बरतें
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे पाकिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के 'लेवल 4' क्षेत्रों में यात्रा न करें और वहां यात्रा से पहले उचित सावधानियां बरतें. ये चेतावनियां विशेष रूप से पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों पर भी लागू होती हैं, जिन्हें वहां के सुरक्षा हालात को समझते हुए यात्रा से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है.
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