US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक बयान जारी कर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के अंत के लिए एक कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए कोई समझौता नहीं होगा, जब तक ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता.
ट्रंप ने कहा कि इसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर ईरान को तबाही के किनारे से वापस लाने के लिए काम करेंगे. ट्रंप के मुताबिक, भविष्य में ईरान को आर्थिक रूप से पहले से भी ज्यादा मजबूत, बड़ा और बेहतर बनाया जा सकता है. अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि ईरान का भविष्य अच्छा हो सकता है. उन्होंने मेक ईरान ग्रेट अगेन (MIGA) का नारा भी दिया, जो उनके पुराने नारे मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) की तरह है.
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा. उनके द्वारा बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई. यह स्थिति एक संकेत है कि ट्रंप के बयान का वैश्विक आर्थिक माहौल पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, खासकर ऊर्जा के क्षेत्र में. इससे पहले भी ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की थी, जब वह पिछले साल जून में सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहे थे.
ट्रंप का ईरान के नए नेतृत्व पर बयान
ट्रंप ने ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चयन में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जैसे वे वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिति पर असर डालने के लिए शामिल हुए थे, वैसे ही ईरान के नए नेतृत्व में उनकी भागीदारी होनी चाहिए. ट्रंप ने ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को आगामी नेतृत्व के लिए उपयुक्त नहीं बताया. उनका मानना है कि मोजतबा खामेनेई के पदभार संभालने से अमेरिका और ईरान के रिश्ते फिर से तनावपूर्ण हो सकते हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान का नया नेतृत्व खामेनेई की नीतियों को जारी रखता है, तो दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना बनी रहेगी.
इजराइली हमले का असर
इसी बीच, इजरायल ने तेहरान में ईरानी नेतृत्व के मुख्य परिसर पर जबर्दस्त हमला किया. इजराइली एयरफोर्स ने करीब 50 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल करते हुए 100 से ज्यादा बम गिराए, जिनका लक्ष्य ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के लिए बना अंडरग्राउंड बंकर था. इस हमले में बंकर का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया और ईरान की कमांड और कंट्रोल क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा. इस हमले के बाद यह माना जा रहा है कि ईरान की सैन्य क्षमता में एक बड़ा खलल पड़ा है, जो भविष्य में संघर्ष को और बढ़ा सकता है.
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