Cough Syrup Sale Rules: देश में कफ सिरप और कुछ अन्य औषधीय सिरप की बिक्री को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. नए नियमों के तहत अब ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना अनिवार्य होगा. बिना चिकित्सकीय पर्ची के इन दवाओं की बिक्री नहीं की जा सकेगी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए औषधि नियम, 1945 (Drugs Rules, 1945) में संशोधन की जानकारी दी है. सरकार का कहना है कि यह कदम दवाओं के गलत उपयोग को रोकने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
OTC बिक्री पर लगेगी रोक
अब तक कई प्रकार के कफ सिरप मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह या पर्ची के खरीदे जा सकते थे. इन्हें ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाओं की तरह बेचा जाता था. हालांकि नए नियम लागू होने के बाद फार्मेसी से ऐसी दवाएं लेने के लिए पंजीकृत चिकित्सक का प्रिस्क्रिप्शन आवश्यक होगा.
Union Ministry of Health and Family Welfare issues notification which brings into effect that all 'Syrups', including cough syrups will no longer be available over the counter. A prescription by a doctor will be required for the purchase of 'Syrups'. pic.twitter.com/k0jsP25EqJ
— ANI (@ANI) June 16, 2026
सरकार का मानना है कि कुछ दवाओं के अनियंत्रित उपयोग और संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए यह बदलाव जरूरी था.
औषधि नियमों में किया गया संशोधन
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, औषधि नियम 1945 की अनुसूची ‘के’ (Schedule K) में शामिल प्रावधानों में बदलाव किया गया है. संशोधन के तहत ‘सिरप’ शब्द को सूची से हटाया गया है.
इस परिवर्तन के बाद कुछ सिरप आधारित दवाएं उन विशेष छूटों के दायरे से बाहर हो जाएंगी, जिनका लाभ पहले अनुसूची ‘के’ के अंतर्गत मिलता था.
मरीजों की सुरक्षा पर जोर
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कफ सिरप और अन्य संबंधित दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही किया जाए. इससे दवाओं के अनावश्यक या गलत इस्तेमाल की संभावना कम होगी और मरीजों को सुरक्षित उपचार मिल सकेगा.
नए नियम लागू होने के बाद दवा विक्रेताओं और फार्मेसियों को भी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के कफ सिरप की बिक्री नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी.
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
सरकार का मानना है कि यह कदम दवा वितरण व्यवस्था को अधिक जिम्मेदार और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा.
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