US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच हालिया हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है और वह अब तेहरान के साथ किसी नए समझौते के पक्ष में नहीं हैं.
तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में पहुंचे ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब ईरान के हर हमले का पहले से ज्यादा ताकत से जवाब देगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है.
ट्रंप बोले- हर हमले का मिलेगा बड़ा जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बीती रात ईरान पर बड़ा हमला किया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान दोबारा हमला करेगा तो अमेरिका उससे भी ज्यादा ताकत से जवाब देगा.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरान के साथ किसी समझौते की कोई जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक, बातचीत में समय बर्बाद करने का कोई फायदा नहीं है.
नाटो पर भी जताई नाराजगी
अपने बयान में ट्रंप ने नाटो पर भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि नाटो के कुछ सदस्य ईरान के खिलाफ अमेरिका का पूरा साथ नहीं दे रहे हैं. ट्रंप का कहना था कि इस मुद्दे पर सहयोग और मजबूत होना चाहिए.
ईरान ने अमेरिकी फैसले की आलोचना की
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के उस फैसले की कड़ी आलोचना की है जिसमें ईरानी तेल निर्यात पर दी गई अस्थायी छूट वापस ले ली गई.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला 18 जून 2026 को हुए युद्धविराम समझौते के अनुच्छेद-10 का उल्लंघन है. मंत्रालय का कहना है कि इस कदम से दोनों देशों के बीच बनी सहमति को नुकसान पहुंचा है.
ईरान की चेतावनी
ईरान ने साफ कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका ने समझौते के तहत किए गए अपने वादों का पालन नहीं किया. ईरान का आरोप है कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही दिनों बाद अमेरिका ने तेल निर्यात से जुड़ी राहत वापस लेकर अपनी प्रतिबद्धता तोड़ दी.
अमेरिका पर वादा तोड़ने का आरोप
ईरान का कहना है कि उसने समझौते के बाद अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाईं, लेकिन अमेरिका लगातार अलग-अलग कारण बताकर अपने वादों से पीछे हटता रहा.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने सीधे तौर पर या अपने सहयोगियों के जरिए समझौते की कई शर्तों का उल्लंघन किया है.
ट्रंप के सख्त बयान और ईरान की चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है. ऐसे में आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी.
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