Agni-VI: भारत की संभावित अग्नि-6 बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर पाकिस्तान में चर्चा तेज हो गई है. पाकिस्तान के एक रणनीतिक अध्ययन संस्थान सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक स्टडीज (CISS) ने एक लेख में सवाल उठाया है कि भारत इतनी लंबी दूरी की मिसाइल क्यों विकसित कर रहा है.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अग्नि-6 को लेकर सवाल पूछा गया था. इस पर उन्होंने कहा, "धैर्य रखिए, सब कुछ ठीक होगा." CISS का कहना है कि इस जवाब के बाद पाकिस्तान में अग्नि-6 कार्यक्रम को लेकर अटकलें और बढ़ गई हैं.
अग्नि-6 को लेकर क्या कहा जा रहा है?
CISS का दावा है कि भले ही अग्नि-6 का अब तक कोई आधिकारिक परीक्षण सामने नहीं आया हो, लेकिन इसे 10,000 से 12,000 किलोमीटर तक मार करने वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) माना जा रहा है.
𝐂𝐈𝐒𝐒 𝐎𝐩𝐢𝐧𝐢𝐨𝐧 | 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚’𝐬 𝐀𝐠𝐧𝐢-𝐕𝐈: 𝐀𝐧 𝐔𝐧𝐧𝐞𝐜𝐞𝐬𝐬𝐚𝐫𝐲 𝐄𝐬𝐜𝐚𝐥𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧
— CISS (@CISS_Islamabad) July 7, 2026
- Recently, Indian Defense Minister Rajnath Singh was asked by a reporter about an Agni-VI missile test. The minister responded with a cryptic smile, stating, “Be patient.… pic.twitter.com/5G5UM8rrVg
हालांकि भारत सरकार या रक्षा मंत्रालय ने अग्नि-6 की क्षमता या उसके विकास को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है.
पाकिस्तान ने तीन वजहें बताईं
पाकिस्तानी थिंक टैंक ने अपने विश्लेषण में तीन कारण बताए हैं, जिनकी वजह से उसे लगता है कि भारत अग्नि-6 परियोजना पर काम कर रहा है.
K-सीरीज मिसाइलों की तकनीक
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने पनडुब्बी से दागी जाने वाली K-सीरीज बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए आधुनिक प्रोपल्शन और गाइडेंस तकनीक विकसित की है. CISS का मानना है कि यही तकनीक भविष्य में अग्नि-6 जैसी मिसाइल में भी इस्तेमाल की जा सकती है.
अग्नि-5 के नए परीक्षण
थिंक टैंक का कहना है कि हाल के अग्नि-5 परीक्षणों में भारत ने उन्नत गाइडेंस और MIRV तकनीक से जुड़ी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है. उसके अनुसार, यह भविष्य की और अधिक आधुनिक मिसाइलों की दिशा में एक संकेत हो सकता है.
रेल-मोबाइल लॉन्च सिस्टम
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत द्वारा रेल-मोबाइल अग्नि-5 प्रणाली का परीक्षण इस बात का संकेत हो सकता है कि भविष्य में लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए रेल आधारित लॉन्च सिस्टम तैयार किया जा रहा है. इससे मिसाइलों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जा सकता है.
भारत की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं
अग्नि-6 को लेकर कई तरह की चर्चाएं और रिपोर्ट सामने आती रही हैं, लेकिन भारत सरकार ने अब तक इसके विकास, परीक्षण या तैनाती को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों के अनुसार मिसाइल और रक्षा प्रणालियों का लगातार आधुनिकीकरण कर रहा है. हालांकि अग्नि-6 की वास्तविक क्षमता और उसकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.
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