राफेल के बाद अब मिराज 2000... चीन में युद्धाभ्यास करेंगे UAE के लड़ाकू विमान, भारत की क्यों बढ़ी चिंता?

संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमान चीन के होटान एयरबेस पहुंच गए हैं. यहां ये चीनी पीएलए वायुसेना के लड़ाकू विमानों के साथ ‘फॉल्कन शील्ड 2026’ युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगे.

UAE fighter jet Mirage 2000 to conduct military exercises in China After Rafale
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बीजिंग: संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमान चीन के होटान एयरबेस पहुंच गए हैं. यहां ये चीनी पीएलए वायुसेना के लड़ाकू विमानों के साथ ‘फॉल्कन शील्ड 2026’ युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगे. मिराज 2000 वही लड़ाकू विमान है, जिसे भारतीय वायुसेना भी लंबे समय से इस्तेमाल करती रही है. भारत ने 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भी मिराज 2000 का इस्तेमाल किया था.

ऐसे में इस अभ्यास को भारत के नजरिए से अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि चीन मिराज 2000 के साथ अभ्यास करके अपने लड़ाकू विमानों की तैयारी और रणनीति को परख सकता है. इसका मकसद भविष्य में ऐसे विमानों से निपटने की अपनी क्षमता को बेहतर करना हो सकता है. इससे पहले चीन मिस्र के राफेल लड़ाकू विमानों के साथ भी सैन्य अभ्यास कर चुका है.

सितंबर तक चलेगा फॉल्कन शील्ड अभ्यास

अगस्त के आखिर से सितंबर के मध्य तक चलने वाले चौथे फॉल्कन शील्ड अभ्यास में कमांड सिमुलेशन, उड़ान प्रशिक्षण और दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच संयुक्त अभियान का अभ्यास किया जाएगा. पीएलए वायुसेना की ओर से जारी वीडियो में चीनी और अमीराती लड़ाकू विमानों को होटान एयरबेस से उड़ान भरते हुए देखा गया है.

हालांकि, चीन और यूएई ने अभी यह जानकारी नहीं दी है कि अभ्यास में कितने विमान शामिल हैं. इसके अलावा इसमें किन हथियारों, रडार और दूसरी सैन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है.

चीन के कई लड़ाकू विमान भी अभ्यास में शामिल

फॉल्कन शील्ड 2026 में चीनी वायुसेना के ए330 एमआरटीटी, सी-17, जे-10, जे-16 और जेएच-7 जैसे विमान हिस्सा ले रहे हैं. इनकी संख्या फिलहाल सामने नहीं आई है.

अभ्यास से जुड़े वीडियो का विश्लेषण करने वाले कुछ विशेषज्ञों ने सी-295 परिवहन विमान, एएस565 पैंथर हेलीकॉप्टर, जीजे-2 सशस्त्र टोही ड्रोन और चार जे-16डी इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमानों की भी पहचान की है.

होटान एयरबेस से भारत की बढ़ सकती है चिंता

होटान एयरबेस पर इस अभ्यास का आयोजन भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. यह चीन का दोहरे इस्तेमाल वाला एयरबेस है और भारत के काफी करीब स्थित है. गलवान संघर्ष के बाद से चीन ने यहां जे-20 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान भी तैनात किए हैं.

मिराज 2000 के साथ अभ्यास के दौरान चीन को इस विमान की उड़ान क्षमता, ऊंचाई पर प्रदर्शन, हथियारों और रडार से जुड़ी कुछ जानकारी हासिल करने का मौका मिल सकता है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अभ्यास के जरिए चीन को मिराज की कितनी संवेदनशील तकनीकी जानकारी मिल पाएगी. फिर भी भारत के नजरिए से होटान में इस तरह का युद्धाभ्यास नजर रखने लायक घटनाक्रम है.

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