अभेद्य होगा भारत का एयर डिफेंस! सुदर्शन चक्र की बढ़ेगी ताकत, रूस ने दिया इन घातक हथियारों का ऑफर

दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी सैन्य ताकत और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है.

Russia offers more S-400 Air Defence System to India Su-57 Fighter Jet
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

India-Russia Defence: दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी सैन्य ताकत और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है. इसी कड़ी में भारत रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की 5 और यूनिट खरीदने की तैयारी कर रहा है. रूस की ओर से इस डील को लेकर भारत को कीमत से जुड़ा प्रस्ताव भी भेज दिया गया है.

रूस ने भेजा कीमत का प्रस्ताव

भारत ने साल 2018 में रूस के साथ करीब 5.43 अरब डॉलर में S-400 की 5 यूनिट खरीदने का समझौता किया था. इस समझौते के तहत अब तक 4 यूनिट भारत को मिल चुकी हैं, जबकि पांचवीं यूनिट की डिलीवरी नवंबर या दिसंबर में होने की उम्मीद है. इसके बाद भारत के पास S-400 की कुल 5 यूनिट हो जाएंगी.

अब भारत 5 और S-400 सिस्टम खरीदने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए रूस ने भारत को बिल ऑफ क्वांटिटीज यानी सिस्टम और उसकी कीमत से जुड़ा प्रस्ताव भेजा है. माना जा रहा है कि कीमत और दूसरी शर्तों पर सहमति बनने के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय और फिर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के सामने भेजा जाएगा.

ऑपरेशन सिंदूर में दिखी S-400 की ताकत

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अपनी क्षमता दिखाई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम की मदद से पाकिस्तान में करीब 314 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्य को निशाना बनाया गया था. पाकिस्तान की ओर से भेजे गए कामिकाजे ड्रोन और दूसरे हवाई खतरों को रोकने में भी S-400 की अहम भूमिका बताई गई थी.

S-400 भारत के लिए इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के पास जे-20 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान और हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं. वहीं पाकिस्तान भी चीन से बड़ी मात्रा में लड़ाकू विमान, मिसाइल और दूसरे हथियार खरीद रहा है. ऐसे में भारत के लिए लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता बढ़ाना काफी अहम माना जा रहा है.

S-400 के साथ Su-57 पर भी चर्चा

रूस के साथ भारत की रक्षा बातचीत में S-400 के अलावा Su-57 लड़ाकू विमान भी चर्चा में है. हालांकि, अभी भारत ने Su-57 की दो स्क्वाड्रन खरीदने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 11 से 13 सितंबर के बीच भारत आने की उम्मीद है. ऐसे में दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत में रक्षा सौदों और सैन्य सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

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