नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले कुछ सामान पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया है. इस कदम से कनाडा के कारोबार पर असर पड़ सकता है. वहीं, जानकारों का मानना है कि इससे भारत की कुछ कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में नए मौके बन सकते हैं.
हालांकि, भारत के लिए यह पूरी तरह अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने भारत पर भी ज्यादा टैरिफ लगाने की चेतावनी दी हुई है. ऐसे में आगे क्या होगा, यह दोनों देशों के बीच होने वाली व्यापार वार्ता पर निर्भर करेगा.
अमेरिका और कनाडा के बीच कितना कारोबार?
अमेरिका और कनाडा के बीच हर साल करीब 800 अरब डॉलर का कारोबार होता है. भारतीय रुपये में यह करीब 65 लाख करोड़ रुपये के बराबर है.
टैरिफ का असर कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के निर्यात पर पड़ सकता है. इससे खास तौर पर टेक्सटाइल, मशीनरी, स्टील, एल्युमीनियम, लकड़ी, कृषि और डेयरी उत्पादों के कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है.
भारत के लिए कहां बन सकते हैं नए मौके?
टेक्सटाइल और गारमेंट
अगर कनाडा से अमेरिका जाने वाले कपड़े महंगे हो जाते हैं, तो अमेरिकी कंपनियां भारत से ज्यादा खरीदारी कर सकती हैं. इससे भारतीय कपड़ा उद्योग को फायदा मिल सकता है.
रसायन उद्योग
भारत पहले से ही अमेरिका को बड़ी मात्रा में रसायनों का निर्यात करता है. कनाडा की हिस्सेदारी कम होने पर भारतीय कंपनियों के लिए नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ सकती है.
इंजीनियरिंग सामान
मशीनों के पार्ट्स, औद्योगिक उपकरण और दूसरे इंजीनियरिंग उत्पादों के क्षेत्र में भी भारत के लिए नए अवसर बन सकते हैं.
फर्नीचर और निर्माण सामग्री
कनाडा अमेरिका को बड़ी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर भेजता है. अगर टैरिफ की वजह से यह सामान महंगा हो जाता है, तो भारत इस बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है.
कृषि और खाद्य उत्पाद
भारतीय मसाले, प्रोसेस्ड फूड और दूसरे कृषि उत्पादों की मांग भी बढ़ सकती है. इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
भारत के सामने चुनौती भी
जहां एक तरफ कनाडा पर लगे टैरिफ से भारत के लिए कुछ नए मौके बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने भारत पर भी ज्यादा टैरिफ लगाने की बात कही है.
अगर भविष्य में भारत पर भी ऊंचा टैरिफ लगाया जाता है, तो भारतीय निर्यात पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. ऐसे में कनाडा की वजह से मिलने वाला फायदा भी कम हो सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारत के लिए कुछ अच्छे मौके जरूर बन रहे हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते के बाद ही साफ होगी. इसलिए कारोबारियों को अभी जल्दबाजी में कोई बड़ा निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए.
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