₹2000, ₹5000, ₹10000...आपके UPI पेमेंट पर कितना कटेगा MDR? यहां समझें पूरा हिसाब

UPI MDR Charge: ₹2000 तक UPI पेमेंट पर कोई MDR नहीं, लेकिन इसके ऊपर की रकम पर पात्र कारोबारियों से 0.4% चार्ज लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 तय है.

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UPI MDR Charge: UPI से पेमेंट करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है. अब कुछ चुनिंदा कारोबारियों को UPI के जरिए पेमेंट हासिल करने पर Merchant Discount Rate यानी MDR देना पड़ सकता है. हालांकि, यह चार्ज आम ग्राहकों और छोटे कारोबारियों पर लागू नहीं होगा. नए नियम के तहत किन व्यापारियों को यह शुल्क देना होगा और अलग-अलग रकम के पेमेंट पर कितना चार्ज लगेगा, इसे समझना जरूरी है.

किस कारोबार पर लागू होगा MDR चार्ज?

सर्कुलर के मुताबिक, जिन कारोबारियों के QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट हासिल होता है, वे नए MDR नियम के दायरे में आएंगे. यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से प्रभावी होने की बात कही गई है. यानी हर UPI यूजर या छोटे दुकानदार को इस चार्ज की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी.

₹2000 तक के UPI पेमेंट पर कोई MDR नहीं

नए नियम के मुताबिक 2000 रुपये तक का UPI पेमेंट प्राप्त करने पर MDR चार्ज नहीं लगेगा. लेकिन अगर पेमेंट की रकम 2000 रुपये से ज्यादा है और कारोबारी MDR नियम के दायरे में आता है, तो ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी की दर से शुल्क लगाया जाएगा.

₹2001 के पेमेंट पर कितना चार्ज लगेगा?

मान लीजिए किसी पात्र व्यापारी को 2001 रुपये का UPI पेमेंट मिलता है. 0.4 फीसदी की दर से इस ट्रांजैक्शन पर करीब 8 रुपये का MDR चार्ज बनता है. यानी जैसे-जैसे पेमेंट की रकम बढ़ेगी, MDR की राशि भी उसी हिसाब से बढ़ेगी.

₹3000 के UPI पेमेंट पर ₹12 MDR

अगर किसी व्यापारी को 3000 रुपये का UPI पेमेंट प्राप्त होता है और वह MDR के नियमों के दायरे में है, तो 0.4 फीसदी के हिसाब से 12 रुपये का चार्ज देना होगा. इस तरह बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर शुल्क की रकम भी बढ़ती जाएगी.

₹10 हजार के पेमेंट पर कितना देना होगा?

10 हजार रुपये के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR के हिसाब से 40 रुपये का चार्ज बनेगा. यानी 10 हजार रुपये का पेमेंट हासिल करने वाले पात्र व्यापारी को इस ट्रांजैक्शन पर 40 रुपये MDR देना होगा.

₹50 हजार के UPI पेमेंट पर ₹200 चार्ज

अगर कोई व्यापारी नए MDR नियम के तहत आता है और उसे 50 हजार रुपये का UPI पेमेंट प्राप्त होता है, तो 0.4 फीसदी की दर से 200 रुपये का शुल्क बनेगा. यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह नियम हर UPI पेमेंट लेने वाले व्यक्ति पर लागू नहीं होगा.

₹75 हजार या उससे ज्यादा पर अधिकतम ₹300 MDR

75 हजार रुपये के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी के हिसाब से 300 रुपये MDR बनता है. इसके बाद भी अगर पेमेंट की रकम बढ़ती है, तो MDR 300 रुपये से ज्यादा नहीं होगा. यानी पात्र कारोबारियों के लिए इस चार्ज की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है.

ग्राहकों और छोटे कारोबारियों को क्या राहत?

इस बदलाव का सीधा असर सामान्य ग्राहकों पर नहीं बताया गया है. छोटे कारोबारी भी इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे, जबकि तय सीमा से अधिक मासिक UPI कलेक्शन करने वाले चुनिंदा बड़े व्यापारियों पर MDR लागू होगा. इसलिए UPI से रोजमर्रा के पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए इस बदलाव को समझना जरूरी है, लेकिन हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगने की बात नहीं है.

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