सूरत के वराछा इलाके से रविवार सुबह एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई. शुगर मार्केट के पास स्थित एक ETP प्लांट की टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं.
सफाई के दौरान टंकी में बेहोश हुए चारों मजदूर
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह के समय चार मजदूर ETP प्लांट की टंकी की सफाई करने के लिए अंदर उतरे थे. सफाई का काम चल ही रहा था कि टंकी में मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा. गैस का असर इतना तेज था कि चारों मजदूर कुछ ही पलों में बेहोश होकर टंकी के अंदर गिर पड़े. घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
फायर ब्रिगेड पहुंची तो सामने आई बड़ी सच्चाई
सुबह करीब 10:22 बजे फायर डिपार्टमेंट को सूचना दी गई कि टंकी के अंदर एक व्यक्ति फंसा हुआ है. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन जब टीम ने टंकी के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया तो वहां एक नहीं बल्कि चार लोग बेहोश हालत में पड़े मिले. काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई.
अस्पताल में डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित किया
टंकी से बाहर निकाले जाने के समय चारों मजदूर पूरी तरह बेहोश थे. उन्हें 108 एम्बुलेंस और फायर विभाग की मदद से इलाज के लिए SMIMER अस्पताल ले जाया गया. हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया. मजदूरों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर और उनके परिजनों के बीच शोक का माहौल छा गया.
शुरुआती जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
DCP आलोक कुमार ने बताया कि अश्विनी कुमार इलाके में स्थित एक ज्वेलरी फैक्ट्री में गहनों की सफाई का काम होता है और वहां मौजूद सेफ्टी टैंक की सफाई हर दो महीने में कराई जाती है. आज सुबह एक सुपरवाइजर और तीन मजदूर टंकी के अंदर गए थे, जहां चारों की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आवश्यक सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया था. फिलहाल दुर्घटना से मौत का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.
बिना सुरक्षा उपकरण के उतरे थे मजदूर
डिविजनल फायर ऑफिसर खाडिया रंजीतसिंह के अनुसार, खंड बाजार स्थित 'रति ज्वैलर्स' एक इंडस्ट्रियल यूनिट है, जहां सोने और गहनों का काम किया जाता है तथा वेस्ट और रॉ मटीरियल को ETP प्लांट में इकट्ठा किया जाता है. सफाई के लिए कॉन्ट्रैक्टर के मजदूरों को बुलाया गया था. जांच के दौरान पता चला कि चारों लोग टंकी के अंदर गिरे थे. उन्हें बाहर निकालकर स्मीयर अस्पताल भेजा गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. फायर विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि मजदूरों ने कोई सेफ्टी इक्विपमेंट नहीं पहना था और आसपास भी सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं मिले. अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है.
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