Prahlad Joshi: NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है. अतिरिक्त प्रभार मिलने के तुरंत बाद प्रह्लाद जोशी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी, समर्पण और विनम्रता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों की गति आगे भी जारी रहेगी और छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर भरोसा जताकर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में वह शिक्षा मंत्रालय के कामकाज को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखना होगा.
पूरी लगन और ईमानदारी से करूंगा काम- प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह इस पद पर रहते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और विनम्रता के साथ काम करेंगे. उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा करना और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है.
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना
अपने पहले बयान में प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की भी खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उनके नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े सुधार हुए, जिनसे देश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा मिली. उन्होंने भरोसा जताया कि इन सुधारों को आगे भी मजबूती से जारी रखा जाएगा.
कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी पहले से संभाल रहे हैं जोशी
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बावजूद प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारियां भी संभालते रहेंगे. वर्तमान में उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी प्रभार है. इसके अलावा वह कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं और लंबे समय से संगठन एवं सरकार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
छात्रों के विरोध के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे थे. इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि छात्रों के हित और देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है. उन्होंने अपने पत्र में अपील की कि आंदोलन और मौजूदा हालात का फायदा देश विरोधी ताकतों को नहीं मिलने देना चाहिए और छात्रों का भविष्य किसी कानूनी विवाद में नहीं उलझना चाहिए.
49 दिन बाद खत्म हुआ CJP का आंदोलन
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 49 दिनों से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन भी समाप्त हो गया. संगठन ने कहा कि सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया गया. इससे लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शन पर फिलहाल विराम लग गया.
सरकार और CJP के बीच कई दौर की बातचीत
आंदोलन समाप्त होने से पहले सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच तीन चरणों में बातचीत हुई. इन बैठकों में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह समेत सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे. CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन ने सद्भावना के आधार पर आंदोलन वापस लिया है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार तय समय सीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू करेगी. अब छात्रों और अभिभावकों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में होने वाले सुधारों पर टिकी है.
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