Pralhad Joshi Education Minister: देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव किया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक से सांसद प्रल्हाद जोशी को इस अहम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई.
प्रल्हाद जोशी अब अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का भी संचालन करेंगे. देश की शिक्षा नीति, स्कूल-कॉलेजों से जुड़े फैसलों और उच्च शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी.
भाजपा के पुराने और भरोसेमंद नेताओं में शामिल हैं प्रल्हाद जोशी
प्रल्हाद वेंकटेश जोशी भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने संगठन से लेकर सरकार तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से आने वाले जोशी लगातार कई बार सांसद चुने गए हैं. पार्टी में उनकी पहचान एक अनुभवी रणनीतिकार और संगठन को मजबूत करने वाले नेता के तौर पर रही है. जोशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद कैबिनेट सहयोगियों में गिने जाते हैं. केंद्र सरकार में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है और संसद में भी लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई है.
कर्नाटक की राजनीति से शुरू हुआ सफर
प्रल्हाद जोशी का राजनीतिक सफर कर्नाटक से शुरू हुआ. शुरुआती दौर में उन्होंने स्थानीय स्तर पर संगठन और सामाजिक आंदोलनों के जरिए अपनी पहचान बनाई. 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान से जुड़े आंदोलन के दौरान वे पहली बार बड़े स्तर पर चर्चा में आए थे. इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे कर्नाटक भाजपा में अपनी मजबूत पकड़ बनाई. संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वे राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बन गए. वर्ष 2012 से 2016 तक उन्होंने भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया और पार्टी संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया.
2004 से लगातार लोकसभा में मजबूत पकड़
प्रल्हाद जोशी ने साल 2004 में पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार चुनाव जीतते रहे. साल 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा. करीब दो दशक से ज्यादा समय तक संसद में सक्रिय रहने वाले जोशी ने कई संसदीय समितियों और मंत्रालयों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में भागीदारी की है.
शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी क्यों है अहम
शिक्षा मंत्रालय देश की शिक्षा व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक है. स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों की योजनाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर मंत्रालय की बड़ी भूमिका होती है. ऐसे समय में जब देशभर में छात्र संगठनों के प्रदर्शन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं, प्रल्हाद जोशी के सामने मंत्रालय को सुचारु रूप से चलाने की बड़ी चुनौती होगी. उन्हें नीतिगत फैसलों के साथ-साथ छात्रों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा.
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