वॉशिंगटन/मॉस्को: यूक्रेन पर जारी जंग ने एक बार फिर मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है. कड़ाके की ठंड के बीच रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के एनर्जी सिस्टम को झकझोर दिया है. राजधानी कीव समेत कई बड़े शहरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे शून्य से नीचे तापमान में आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. इस हमले को लेकर जहां यूक्रेन ने रूस पर शांति वार्ता को कमजोर करने का आरोप लगाया है, वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान इस पूरे मामले को एक अलग दिशा में ले जाता दिख रहा है.
रूस के हमले से यूक्रेन का एनर्जी नेटवर्क चरमराया
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने एक साथ बैलिस्टिक मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए देश के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया. इस हमले का सबसे बड़ा असर बिजली उत्पादन और सप्लाई पर पड़ा है. कई पावर प्लांट्स को नुकसान पहुंचने के कारण राजधानी कीव समेत अन्य शहरों में अंधेरा छा गया है. -20 डिग्री सेल्सियस के तापमान में बिजली और हीटिंग सिस्टम के ठप होने से आम नागरिकों के सामने जीवन और स्वास्थ्य का संकट खड़ा हो गया है.
ट्रंप का बयान, सीजफायर के बाद हुआ हमला
इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अस्थायी युद्धविराम को लेकर किया गया वादा निभाया था. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर एक तय समय सीमा के लिए था, जो रविवार से अगले रविवार तक लागू रहा. उनके मुताबिक, यह अवधि खत्म होने के बाद रूस ने हमला किया, इसलिए इसके लिए पुतिन को सीधे तौर पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता. हालांकि ट्रंप ने ठंड की गंभीर स्थिति को देखते हुए रूस से फिर से संयम बरतने और युद्धविराम पर विचार करने की अपील भी की.
450 ड्रोन और 70 मिसाइलों से बड़ा हमला
जेलेंस्की ने जानकारी दी कि रूस ने देर रात किए गए हमले में करीब 450 लंबी दूरी के ड्रोन और अलग-अलग श्रेणियों की 70 मिसाइलें दागीं. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन और रूस, अमेरिका की मध्यस्थता में संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में प्रस्तावित वार्ता की तैयारी कर रहे हैं. यह बातचीत बुधवार और गुरुवार को होनी है, लेकिन उससे ठीक पहले हुए इस हमले ने बातचीत की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बिजली ग्रिड को बनाया गया मुख्य निशाना
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम पांच क्षेत्रों में बिजली ग्रिड को खास तौर पर निशाना बनाया गया. पावर सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर, टर्बाइन और जनरेटर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, ताकि पूरे नेटवर्क को पंगु किया जा सके. रूस के इन हमलों में अब तक कम से कम 10 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी बिजली कंपनी डीटीईके ने बताया कि उसके थर्मल पावर प्लांट पर अक्टूबर के बाद यह नौवां बड़ा हमला है.
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