'यह ऐतिहासिक और स्ट्रक्चरल समझौता...', भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संसद में बोले पीयूष गोयल, जानें क्या कहा

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा और कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी तरह संतुलित, पारदर्शी और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. 

Union Minister Piyush goyal on India US trade deal in parliament
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नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील इस वक्त सिर्फ कूटनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि संसद से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक चर्चा का केंद्र बन चुकी है. जहां दुनिया के कई देश इस समझौते को भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं, वहीं देश के भीतर विपक्ष इसे किसानों और घरेलू हितों के खिलाफ बता रहा है. लोकसभा में लगातार दूसरे दिन इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली, जहां विपक्ष ने आशंका जताई कि इस डील से भारतीय कृषि और छोटे कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है. इन आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा और कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी तरह संतुलित, पारदर्शी और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. 

"भारतीय पक्ष किसानों के हितों की रक्षा करने में सफल रहा"

पीयूष गोयल ने कहा कि, "दोनों देशों के बीच डील को लेकर बातचीत के दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहे. भारतीय पक्ष डील करने के दौरान अपने अहम क्षेत्रों खासकर कृषि और किसानों के हितों की रक्षा करने में सफल रहा." उन्होंने कहा कि, "पीएम नरेंद्र मोदी की फरवरी 2025 की अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका के बीच संतुलित, पारस्परिक रूप से, लाभकारी और द्विपक्षीय ट्रेड डील करने को लेकर लगातार और नियमित चर्चा करते रहे हैं. पिछले साल, दोनों पक्षों के बातचीत करने वालों ने अलग-अलग लेवल पर विस्तार से बातचीत की."

"संवेदनशील मुद्दों को ट्रेड डील से अलग रखा गया"

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, "बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के जरूरी हितों को ध्यान में रखते हुए, यह स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपने-अपने जरूरी और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा करना चाहेंगे और सबसे अच्छे नतीजे भी सुनिश्चित करना चाहेंगे. आपसी बातचीत के दौरान, भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और डेयरी के हितों की रक्षा करने में सफल रहा. एक साल की बातचीत के बाद, दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते के विभिन्न क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे." उन्होंने कहा कि, "संवेदनशील मुद्दों को ट्रेड डील से अलग रखा गया है. खाद और कृषि क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है. किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा. इस डील से भारत और अमेरिका दोनों पक्षों को फायदा होगा."

"मोदी-ट्रंप के बीच 2 फरवरी को हुई बात"

टैरिफ को लेकर गोयल ने आगे कहा, "2 फरवरी 2026 को, PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मामलों पर टेलीफोन पर बातचीत की. इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को घटाकर 18% करने की घोषणा की. मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि यह टैरिफ कई प्रतिस्पर्धी देशों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से कहीं कम है."

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, "यह ऐतिहासिक और स्ट्रक्चरल समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने तथा विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत संबंधों को भी दिखाता है, वे स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं."

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