बगराम एयरबेस वापस लेना... ट्रंप के सपनों पर तालिबान ने फेरा पानी, भारत को लेकर कही बड़ी बात

Bagram Air Base: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अमेरिका और पाकिस्तान को लेकर सख्त बयान दिया है. तालिबान के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी बाहरी दखल का जवाब देगा.

Retaking Bagram Airbase Taliban dashes Trump dreams makes a significant statement regarding India
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Bagram Air Base: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अमेरिका और पाकिस्तान को लेकर सख्त बयान दिया है. तालिबान के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी बाहरी दखल का जवाब देगा.

तालिबान सरकार के सूचना एवं संस्कृति मंत्री मुहाजिर फराही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगराम एयरबेस को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी है.

बगराम एयरबेस वापस लेना अमेरिका का सपना: तालिबान

मुहाजिर फराही ने कहा कि अमेरिका के लिए बगराम एयरबेस को दोबारा हासिल करना अब सिर्फ एक सपना है. उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में इस सैन्य ठिकाने पर वापस नहीं लौट सकता.

बगराम एयरबेस अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के उत्तर में स्थित है. इसे सोवियत संघ के समय बनाया गया था. 2001 के बाद यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेना का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र बन गया था. 2021 में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद यह ठिकाना अफगान प्रशासन को सौंप दिया गया और बाद में तालिबान ने देश की सत्ता संभाल ली.

ट्रंप कई बार कर चुके हैं बगराम का जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका को बगराम एयरबेस अपने नियंत्रण में रखना चाहिए था. उनका कहना है कि चीन के करीब होने के कारण यह एयरबेस रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अमेरिका इस सैन्य ठिकाने को वापस लेने की कोशिश कर सकता है.

पाकिस्तान को भी तालिबान की चेतावनी

तालिबान मंत्री मुहाजिर फराही ने पाकिस्तान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान अपनी सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा करेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ सुरक्षा और सीमा से जुड़े मुद्दों पर तनाव बना हुआ है, लेकिन अफगानिस्तान अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है.

भारत के साथ रिश्तों पर दिया बयान

भारत के साथ बढ़ते संबंधों पर फराही ने कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति कोई दूसरा देश तय नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच पुराने संबंध हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के संपर्क को और बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और साझेदार है.

पाकिस्तान पर निर्भरता कम करने की कोशिश

तालिबान मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ कई बार सीमा बंद होने के कारण अफगानिस्तान ने नए व्यापारिक रास्ते तलाशने शुरू किए हैं. उन्होंने बताया कि अब अफगानिस्तान मध्य एशिया, ईरान, भारत और चीन के जरिए व्यापारिक संबंध मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ताकि किसी एक देश पर निर्भरता कम हो.

युद्ध संग्रहालय बनाने की योजना

मुहाजिर फराही ने यह भी बताया कि तालिबान सरकार अफगानिस्तान में एक युद्ध संग्रहालय बनाने की योजना बना रही है. इस संग्रहालय में पिछले कई दशकों के युद्ध से जुड़ी वस्तुएं और यादें रखी जाएंगी. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को देश के इतिहास से परिचित कराना है.

क्षेत्रीय तनाव के बीच आया बयान

तालिबान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. सीमा सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.

अफगानिस्तान के कुछ स्थानीय दावों में हाल के एक अस्पताल हमले को लेकर पाकिस्तान पर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इस मामले में अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे हैं.

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