PM Modi Indonesian Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया. अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने वहां मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देकर की. उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया की संसद में बोलना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए यहां आए हैं और भारत की जनता की ओर से इंडोनेशिया के लोगों को शुभकामनाएं देते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया के लोगों ने जिस आत्मीयता और प्यार के साथ उनका स्वागत किया, वह हमेशा उनके दिल में रहेगा. उन्होंने कहा कि यहां के बच्चों, युवाओं और महिलाओं से मिले स्नेह ने इस यात्रा को उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल कर दिया है.
राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ दोस्ती का किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो का भी जिक्र किया. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि सम्मान पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता और उनकी दोस्ती भी किसी सीमा में बंधी नहीं है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है.
Honoured to address the Indonesia Parliament. Do watch.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
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भारत की नीति विकास पर आधारित
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा विकास और सहयोग की सोच के साथ आगे बढ़ता है. उन्होंने कहा कि भारत विस्तारवाद में नहीं, बल्कि विकासवाद में विश्वास रखता है. इसी सोच के साथ भारत दुनिया के देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है. उन्होंने अपने संबोधन में "सबका साथ, सबका विकास" की नीति का भी उल्लेख किया.
मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' भी प्रदान किया गया. यह सम्मान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें दिया. सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त किया.
दोनों देशों की दोस्ती को बताया सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के मजबूत रिश्तों का भी सम्मान है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक संबंधों और साझा विरासत ने वर्षों से दोस्ती को मजबूत किया है. आने वाले समय में यह साझेदारी व्यापार, तकनीक, रक्षा, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में और आगे बढ़ेगी.
भारत-इंडोनेशिया संबंध होंगे और मजबूत
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत और इंडोनेशिया आने वाले समय में कई नए क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच भी गहरे रिश्ते हैं. यही विश्वास भविष्य में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.
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