Solar Eclipse India: अगस्त 2026 का महीना खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बेहद खास माना जा रहा है. इस दौरान आसमान में दो महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं, जिनमें एक सूर्य ग्रहण और दूसरा चंद्र ग्रहण शामिल है. दुनिया के कई हिस्सों में लोग इन दुर्लभ नजारों का आनंद ले सकेंगे, लेकिन भारत के लोगों के लिए यह निराशा भरी खबर है, क्योंकि दोनों ही ग्रहण देश से दिखाई नहीं देंगे. ऐसे में स्वाभाविक सवाल उठता है कि आखिर भारत में अगला सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कब देखने को मिलेगा. आइए इन दोनों खगोलीय घटनाओं और उनकी अगली भारतीय दृश्यता के बारे में विस्तार से जानते हैं.
अगस्त में कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण?
अगस्त महीने में सबसे पहले 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण होगा. इसके बाद 27 और 28 अगस्त की रात आंशिक चंद्र ग्रहण की घटना देखने को मिलेगी. ये दोनों ग्रहण दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देंगे, लेकिन भारत उनकी दृश्यता के दायरे में नहीं होगा. इसलिए भारतीय दर्शक इन खगोलीय घटनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं कर पाएंगे.
आखिर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कैसे होते हैं?
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण सौर मंडल की सामान्य खगोलीय प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं. ये किसी विशेष या असामान्य घटना के कारण नहीं, बल्कि पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य की अपनी-अपनी कक्षाओं में लगातार होने वाली गति की वजह से घटित होते हैं.
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है. इस स्थिति में चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को ढक देता है. यदि तीनों पिंड पूरी तरह एक सीध में आ जाएं तो पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देता है, जबकि आंशिक स्थिति में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही ढका हुआ नजर आता है. दूसरी ओर, चंद्र ग्रहण उस समय होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे उसका रंग धुंधला या लालिमा लिए हुए दिखाई देने लगता है. ग्रहण का स्वरूप इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्रमा पृथ्वी की छाया के किस हिस्से से गुजर रहा है.
भारत में अगला सूर्य ग्रहण कब दिखाई देगा?
भारत में सूर्य ग्रहण देखने के लिए लोगों को अगले वर्ष का इंतजार करना होगा. अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा. यह वही ऐतिहासिक ग्रहण है जिसे दुनिया के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक माना जा रहा है. इसकी कुल अवधि लगभग 6 मिनट 23 सेकंड होगी, जो इसे इस सदी की सबसे लंबी सूर्य ग्रहण घटनाओं में शामिल करती है. हालांकि भारत में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में नहीं दिखाई देगा. देश के अधिकांश हिस्सों में लोग इसे केवल आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में ही देख पाएंगे. वहीं दुनिया के कुछ देशों, विशेष रूप से उत्तरी अफ्रीका के क्षेत्रों में, इसका पूर्ण रूप देखने का अवसर मिलेगा.
भारत में अगला चंद्र ग्रहण कब नजर आएगा?
चंद्र ग्रहण के लिए भी भारत में लोगों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा. अगला चंद्र ग्रहण 20 फरवरी 2027 को दिखाई देगा. यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा पृथ्वी की बाहरी छाया से होकर गुजरता है. इस प्रकार का ग्रहण अपेक्षाकृत हल्का होता है और कई बार सामान्य आंखों से इसे पहचानना भी मुश्किल होता है. चंद्रमा की चमक में केवल मामूली बदलाव दिखाई देता है, इसलिए बहुत से लोगों को इसका एहसास भी नहीं हो पाता.
स्पष्ट चंद्र ग्रहण देखने के लिए करना होगा और इंतजार
यदि आप ऐसा चंद्र ग्रहण देखना चाहते हैं जिसमें पृथ्वी की छाया साफ तौर पर चंद्रमा पर दिखाई दे, तो उसके लिए 2028 तक इंतजार करना होगा. 6 जुलाई 2028 को भारत से आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इस दौरान चंद्रमा का एक हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करेगा, जिससे ग्रहण का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. यह घटना खगोल प्रेमियों के लिए खास अवसर होगी, क्योंकि इसे बिना किसी विशेष उपकरण के भी खुले आसमान में देखा जा सकेगा, बशर्ते मौसम साफ हो.
ग्रहण क्यों होते हैं खास?
ग्रहण केवल धार्मिक या सांस्कृतिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी इनका विशेष महत्व होता है. सूर्य ग्रहण के दौरान वैज्ञानिक सूर्य के बाहरी वातावरण यानी कोरोना का अध्ययन करते हैं, जबकि चंद्र ग्रहण पृथ्वी के वायुमंडल और उसकी छाया से जुड़े कई वैज्ञानिक तथ्यों को समझने का अवसर देता है. इसी वजह से दुनिया भर के खगोलविद और अंतरिक्ष एजेंसियां हर ग्रहण का बारीकी से अध्ययन करती हैं और इनके माध्यम से अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी नई जानकारियां जुटाने का प्रयास करती हैं.
ये भी पढ़ें: नाटो की बैठक से पहले यूक्रेन पर बरसा पुतिन का कहर, रूस ने 68 मिसाइलों और 351 ड्रोन्स से किया भीषण हमला