पुतिन ने फेंका 'दाना' और 'फंस' गए ट्रंप, आखिर अमेरिका के राष्ट्रपति क्यों करने लगे रूस की 'तरफदारी'?

वॉशिंगटन में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई बैठक में तीखी बहस देखने को मिली. इस बहस का अंत ऐसा हुआ कि जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से निकलने को कह दिया गया.

Putin Trump why did the US President start favouring Russia
ट्रंप-पुतिन | Photo: ANI

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया तकरार ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. इस बहस के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिका और यूरोप के बीच रिश्तों में खटास बढ़ सकती है, और ट्रंप नाटो (NATO) से अमेरिका को अलग करने का विचार भी कर सकते हैं. इस मौके का फायदा उठाने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप को अपने पक्ष में लाने की रणनीति बनाई है. पुतिन ने ट्रंप को खनिज डील का आकर्षक प्रस्ताव दिया है, जिससे वह अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस के साथ आर्थिक समझौते के लिए ललचाने का प्रयास कर रहे हैं.

'जो हमसे दूर जाएगा, वह बहुत दूर जाएगा'

वॉशिंगटन में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई बैठक में तीखी बहस देखने को मिली. इस बहस का अंत ऐसा हुआ कि जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से निकलने को कह दिया गया, और ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो हमसे दूर जाएगा, वह बहुत दूर जाएगा. इस घटनाक्रम के बाद, दुनिया भर के नेता, जिनमें जेलेंस्की भी शामिल हैं, इस विवाद को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं. 

यह प्रयास केवल नाटो देशों तक सीमित नहीं है. रूस ने भी इस अवसर का लाभ उठाया और ट्रंप को खनिजों के व्यापार के लिए आकर्षक प्रस्ताव दिया. रूस का कहना है कि उसके पास यूक्रेन से भी अधिक खनिज संसाधन हैं, और वह अमेरिका के साथ एक व्यापारिक समझौते के लिए तैयार है. सीजफायर की बातचीत के दौरान, अमेरिका भी यूक्रेन से खनिजों के व्यापार पर विचार कर रहा था, लेकिन रूस ने ट्रंप को बहुत बड़ा ऑफर दिया है, जिससे नाटो में असमंजस पैदा हो गया है. 

नाटो में हड़कंप

ट्रंप के करीबी साथी एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से यह सलाह दी है कि अब समय आ गया है जब अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र (UN) और नाटो से बाहर निकल जाना चाहिए. अमेरिकी सांसद माइक ली ने भी इस विचार का समर्थन किया, और यह प्रस्ताव नाटो और यूक्रेन के लिए एक बड़े संकट का कारण बन सकता है. मस्क और अन्य समर्थकों के इस बयान ने नाटो में हड़कंप मचा दिया है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप को मनाने की कोशिश शुरू कर दी है, और यह भी कहा गया है कि जेलेंस्की को अपने बर्ताव के लिए माफी मिल सकती है. रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने जेलेंस्की से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने का अनुरोध किया है. इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने ट्रंप से फोन पर बात की, और इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने भी इस मामले में ट्रंप से चर्चा की.

नाटो प्रमुख मार्क रूटे ने भी जेलेंस्की से मुलाकात की और उन्हें अमेरिका के साथ अपने संबंध सुधारने की सलाह दी. जेलेंस्की ने भी अमेरिका से मदद की मांग की है. सभी प्रमुख नेता इस विवाद को समाप्त कर एक नया संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. पोलैंड ने भी चेतावनी दी है कि सीजफायर केवल अमेरिका की मदद से संभव है, और इसलिए अमेरिका से दूरी बनाना सही कदम नहीं होगा.

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