नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के परिवहन और इमिग्रेशन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. इन फैसलों में सबसे बड़ा कदम था देशभर में 100 नए एयरपोर्ट के निर्माण की मंजूरी. इसके अलावा, सरकार ने उड़ान योजना के विस्तार और इमिग्रेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नए उपायों की घोषणा की. इसके साथ ही, पर्यावरण से संबंधित नई प्रतिबद्धताओं को भी मंजूरी मिली है.
भारत में 100 नए एयरपोर्ट
भारत सरकार ने 100 नए एयरपोर्ट्स के निर्माण को मंजूरी दे दी है. यह कदम हवाई यात्रा को आम आदमी के लिए और भी सुलभ और किफायती बनाने के लिए उठाया गया है. इस परियोजना पर कुल 12,159 करोड़ रुपये खर्च होंगे. प्रत्येक एयरपोर्ट पर औसतन 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. एयरपोर्ट्स को चैलेंज मोड में बनाया जाएगा, जिससे विभिन्न शहरों और राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी.
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जो शहर सबसे पहले अच्छी सुविधाएं, सुरक्षा और तेजी से विकास की दिशा में काम करेंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. इस कदम का उद्देश्य भारत के ग्रामीण और छोटे शहरों को भी हवाई यात्रा से जोड़ना है.
उड़ान 2.0 योजना के लिए 28,840 करोड़ का बजट
उड़ान योजना के तहत अब तक छोटे शहरों और कस्बों को हवाई यात्रा से जोड़ने का काम किया जा चुका है. इस योजना के विस्तार के तहत अब सरकार 28,840 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यह योजना अब 2036 तक प्रभावी रहेगी, जिसके तहत और अधिक शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ा जाएगा. इस कदम से न सिर्फ यात्रा सस्ती होगी, बल्कि लोगों को लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे.
200 नए और आधुनिक हेलीपैड्स की योजना
केंद्रीय कैबिनेट ने देशभर में 200 नए और आधुनिक हेलीपैड बनाने की मंजूरी भी दी है. पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर भारत और टापू क्षेत्रों में जहां सड़कें बनाना चुनौतीपूर्ण है, वहां हेलीकॉप्टर को आवाजाही का मुख्य जरिया बनाया जाएगा. इसके लिए सरकार ने 3,661 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इस कदम से इन दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही आसान होगी और हवाई सेवाओं का दायरा भी बढ़ेगा.
5 साल के लिए IVFRT स्कीम का विस्तार
इंटरनेशनल विजिटर्स फ्रंटियर रिज़र्व ट्रैकिंग (IVFRT) स्कीम को 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया है. अब यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी. इसका मुख्य उद्देश्य भारत की इमिग्रेशन और वीजा प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाना है, ताकि विदेशों से आने वाले लोगों के लिए वीजा प्रक्रिया सरल और तेज हो सके. इस स्कीम पर कुल 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया को और बेहतर किया जा सकेगा.
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पर्यावरण से जुड़ी नई प्रतिबद्धताओं की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में पर्यावरण से संबंधित भी कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2025 से 2035 तक के लिए नए पर्यावरण लक्ष्य तय किए हैं. इन लक्ष्यों का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना है. कैबिनेट ने इन प्रतिबद्धताओं को मंजूरी दी है, जिससे भारत के पर्यावरण के लिए नई दिशा तय होगी.
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