नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, केंद्र सरकार ने बुधवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को हालात पर जानकारी दी गई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और भविष्य में भी कोई संकट उत्पन्न नहीं होगा. इस बैठक में विपक्षी नेताओं के सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने स्थिति को स्पष्ट किया और कहा कि पैनिक की कोई आवश्यकता नहीं है.
केंद्र सरकार ने तेल की आपूर्ति के लिए दिए आश्वासन
बैठक की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि भारत ने पश्चिम एशिया में हालात से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं. इसके बाद विदेश सचिव ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, और हम पूरी तरह से भारत के हितों का ध्यान रखते हुए कदम उठा रहे हैं. सरकार ने यह भी बताया कि अब तक चार भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से संघर्ष क्षेत्र से निकल चुके हैं और जल्द ही अन्य जहाजों को भी वहां से निकाला जाएगा.
पैनिक की कोई जरूरत नहीं
सरकार ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि इस संकट के बीच पैनिक की कोई जरूरत नहीं है. विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर कोई भी जानकारी चाहिए तो वे सरकार से संपर्क कर सकते हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि एलपीजी और पेट्रोलियम की अग्रिम बुकिंग की गई है और आपूर्ति के लिए कई देशों से बातचीत भी बढ़ाई गई है.
ईरान से लोडेड कार्गो की स्थिति और घरेलू गैस की आपूर्ति
सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू गैस की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि दो एलपीजी जहाज जल्द ही वेस्ट कोस्ट पर पहुंचने वाले हैं, जिनमें 92,000 टन एलपीजी लोड होगा. इसके अलावा, यह भी बताया गया कि ईरान से कोई लोडेड कार्गो नहीं आ रहा है, लेकिन हमारी प्राथमिकता घरेलू गैस आपूर्ति पर है.
विपक्ष ने किया सर्वदलीय बैठक का अनुरोध
पश्चिम एशिया संकट पर विचार-विमर्श के लिए विपक्षी दलों ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सर्वदलीय बैठक की मांग की थी. इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न संकट से निपटने के लिए सरकार ने कई नए समूहों का गठन किया है, जो नियमित रूप से आपूर्ति और अन्य मुद्दों पर आकलन करेंगे.
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख नेता
सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, और बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा सहित कई अन्य नेता शामिल हुए. इस बैठक में विपक्षी दलों से समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, सीपीआईएम और आम आदमी पार्टी के सदस्य भी मौजूद थे.
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में भी इस संकट पर चर्चा करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट उत्पन्न हुआ है, और इससे भारत सहित अन्य देशों पर असर पड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं ताकि तेल और गैस की आपूर्ति पर कोई असर न पड़े.
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