JNUSU 2025: JNU छात्रसंघ चुनाव में कल डाले जाएंगे वोट, इस बार परिणाम घोषित होंगे लाइव

JNUSU Election Voting: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रसंघ चुनाव 2025 का इंतजार अब लगभग खत्म हो चुका है. इस साल का चुनाव 4 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जबकि नतीजों की घोषणा 6 नवंबर को होने की संभावना है. इससे पहले 2 नवंबर को कैंपस में प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन किया गया, जिसके बाद चुनाव प्रचार की प्रक्रिया समाप्त हो गई.

JNUSU 2025 Voting will be done tomorrow in JNU Students Union elections results will declared live
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JNUSU Election Voting: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रसंघ चुनाव 2025 का इंतजार अब लगभग खत्म हो चुका है. इस साल का चुनाव 4 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जबकि नतीजों की घोषणा 6 नवंबर को होने की संभावना है. इससे पहले 2 नवंबर को कैंपस में प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन किया गया, जिसके बाद चुनाव प्रचार की प्रक्रिया समाप्त हो गई. खास बात यह है कि इस बार जेएनयू छात्रसंघ के चुनावी परिणामों को लाइव देखा जा सकेगा, जिससे छात्रों और विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य लोगों में उत्सुकता और बढ़ गई है.

इस बार जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में मुख्य मुकाबला लेफ्ट गठबंधन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच देखने को मिल रहा है. लेफ्ट छात्र दल गठबंधन में AISA, SFI और DSF शामिल हैं, जबकि AISF इस बार गठबंधन से बाहर रही. अध्यक्ष पद के लिए AISA की अदिति उम्मीदवार हैं. उपाध्यक्ष पद पर SFI की के. गोपिका, महासचिव पद पर DSF के सुनील और संयुक्त सचिव पद पर AISA के दानिश अली मैदान में हैं.

वहीं ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए विकास पटेल, उपाध्यक्ष पद के लिए तान्या कुमारी, महासचिव पद के लिए राजेश्वर कांत दुबे और संयुक्त सचिव पद के लिए अनुज दमारा को उम्मीदवार बनाया है. इस बार अध्यक्ष पद के लिए कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प और कड़ा होने वाला है.

महासचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबला

इस साल महासचिव पद पर मुकाबला विशेष रूप से रोचक है. आम तौर पर वाम दल गठबंधन के उम्मीदवार इस पद पर उतरे होते हैं, लेकिन इस बार AISF गठबंधन का हिस्सा नहीं है. AISF ने बगावती तेवर अपनाते हुए महासचिव पद पर अपना स्वतंत्र उम्मीदवार उतारा है. इसके अलावा वाम दल गठबंधन की ओर से DSF के सुनील और ABVP के राजेश्वर कांत दुबे इस पद के लिए मैदान में हैं.

विशेषज्ञों का अनुमान है कि ABVP का उम्मीदवार राजेश्वर कांत दुबे वाम दलों के वोट बैंक में सेंध लगाने की स्थिति में है, जिससे महासचिव पद पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

नतीजे देखना होगा अब आसान

इस बार जेएनयू चुनाव आयोग ने छात्रों और आम लोगों के लिए परिणामों को लाइव देखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है. इसके लिए चुनाव आयोग ने विशेष रूप से एक वेबसाइट लॉन्च की है. उम्मीदवारों के परिणाम और वोटिंग की स्थिति को लाइव देखा जा सकेगा. नतीजे देखने के लिए विद्यार्थी और अन्य लोग www.jnusuec.org
 पर जा सकते हैं.

छात्रसंघ चुनाव का महत्व

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव हर साल विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति का महत्वपूर्ण क्षण होते हैं. यह चुनाव केवल छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्वविद्यालय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण होता है. यह चुनाव छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर देता है और विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक मुद्दों पर छात्र आवाज को मजबूत बनाता है.

इस साल का चुनाव वाम छात्र दल गठबंधन और ABVP के बीच खासा रोचक माना जा रहा है. अध्यक्ष और महासचिव पदों के लिए सघन मुकाबले की उम्मीद है. छात्रों में भी चर्चा है कि महासचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबला किस तरह परिणामों को प्रभावित करेगा.

इस बार नतीजे लाइव देखने की सुविधा होने से छात्रों और राजनीतिक दलों की निगाहें पूरी तरह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर रहेंगी. यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और छात्र समुदाय में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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