Iran US War: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला करते हुए दावा किया है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरान की ओर से मिसाइल, ड्रोन और छोटी हमलावर नौकाओं के जरिए हमला करने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई.
अमेरिकी युद्धपोतों को बनाया गया निशाना
सेंट्रल कमांड ने बताया कि 7 मई को अमेरिकी नेवी के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Truxtun (DDG-103), USS Rafael Peralta (DDG-115) और USS Mason (DDG-87) होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे. इसी दौरान ईरानी सेना ने कई मिसाइलें दागीं और ड्रोन लॉन्च किए. समुद्र में मौजूद छोटी तेज रफ्तार नौकाओं ने भी अमेरिकी जहाजों को घेरने की कोशिश की.
अमेरिकी सेना के अनुसार सभी खतरों को समय रहते नष्ट कर दिया गया और किसी भी अमेरिकी युद्धपोत को नुकसान नहीं पहुंचा.
बंदर अब्बास और केशम में एयरस्ट्राइक
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास और केशम समेत कई रणनीतिक इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. बताया गया कि इन इलाकों का इस्तेमाल खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.
सेंट्रल कमांड ने कहा कि कार्रवाई बेहद सटीक तरीके से की गई और अमेरिकी सेना का मुख्य उद्देश्य अपने युद्धपोतों और सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था.
ट्रंप ने दी खुली चेतावनी
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान ने जल्द समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए तो अमेरिका भविष्य में और भी ज्यादा ताकतवर कार्रवाई करेगा.
ट्रंप ने दावा किया कि भारी गोलीबारी के बावजूद अमेरिकी डेस्ट्रॉयर सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहे. उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि कई ड्रोन समुद्र में गिर गए.
ट्रंप बोले- ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरानी छोटी हमलावर नौकाओं को भी तबाह कर दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने बेहद तेज और प्रभावी जवाब दिया, जिससे ईरानी बलों को भारी नुकसान पहुंचा.
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि एक सामान्य देश अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे जहाजों को निशाना नहीं बनाता. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान का नेतृत्व बेहद खतरनाक सोच के हाथों में है.
दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान तनाव पर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है. यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है. ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच हालात जल्द नहीं सुधरे तो मध्य पूर्व में बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है.
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