'अब आतंकी कहीं भी छिप नहीं सकते', ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर इजरायल ने पाकिस्तान को दिया सख्त संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर इजरायल ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है.

Israel gave message to Pakistan on the anniversary of Operation Sindoor
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

India-Israel Relations: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर इजरायल ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है. भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने साफ शब्दों में कहा कि आतंकियों को अब यह समझ आ चुका है कि उनके लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है. इजरायल की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब भारत पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की एक साल की अवधि पूरी होने पर अपने सैन्य अभियान को याद कर रहा है.

दरअसल, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में कई निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी. इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया. भारतीय सेना और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

ऑपरेशन सिंदूर पर इजरायल का खुला समर्थन

ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए भारत के समर्थन में कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों के खिलाफ गंभीर अपराध करने वाले आतंकवादी अब समझ चुके हैं कि वे कहीं भी छिपकर सुरक्षित नहीं रह सकते.

अजार ने अपने पुराने बयान को भी दोबारा साझा किया, जिसमें उन्होंने पिछले साल भारत की जवाबी कार्रवाई को आत्मरक्षा का अधिकार बताया था. इजरायल ने तब भी कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार है.

इजरायल का यह रुख एक बार फिर दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है. बीते कुछ वर्षों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा, तकनीक, सुरक्षा और खुफिया सहयोग लगातार मजबूत हुआ है. आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान मानी जाती है.

पाकिस्तान को लेकर इजरायल का सख्त रुख

इजरायल ने केवल ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन ही नहीं किया, बल्कि पाकिस्तान को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया. हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठे थे. उस समय भी इजरायल ने पाकिस्तान की मंशा पर भरोसा न जताते हुए उसे अविश्वसनीय करार दिया था.

रुवेन अजार ने स्पष्ट कहा था कि इजरायल पाकिस्तान को भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं मानता. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपने रणनीतिक कारणों से पाकिस्तान का उपयोग किया हो सकता है, लेकिन इजरायल की नजर में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल बने हुए हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद और कट्टरपंथ को लेकर पाकिस्तान के रवैये पर चिंता जताता रहा है. ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर दिया गया यह बयान केवल समर्थन नहीं, बल्कि पाकिस्तान को एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश भी माना जा रहा है.

राजनाथ सिंह ने सेना के शौर्य को किया सलाम

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और समर्पण को नमन किया. उन्होंने इस सैन्य अभियान को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और सैन्य क्षमता का मजबूत उदाहरण बताया.

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का जवाब सटीकता, तालमेल और निर्णायक रणनीति के साथ देने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि यह अभियान आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक मिसाल बन गया है.

सोशल मीडिया X पर अपने संदेश में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का साहस और बलिदान देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और तेज कार्रवाई की भी सराहना की.

आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीति

विश्लेषकों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं था, बल्कि यह भारत की बदली हुई सुरक्षा नीति का संकेत भी था. इस अभियान के जरिए भारत ने साफ कर दिया कि आतंकवादी हमलों का जवाब अब केवल कूटनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहेगा.

भारतीय सेना ने ऑपरेशन के दौरान सटीक हमलों के जरिए आतंकी ढांचों को निशाना बनाया. भारत ने यह भी संदेश दिया कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले ढांचे और नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा.

इजरायल जैसे देशों का खुला समर्थन भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को भी मजबूत करता है. वैश्विक स्तर पर कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई को आत्मरक्षा के अधिकार के रूप में देखा.

भारत-इजरायल संबंध और मजबूत हुए

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और इजरायल के रणनीतिक रिश्तों पर भी चर्चा तेज हो गई है. रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत सहयोग रहा है. मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक, एयर डिफेंस और खुफिया साझेदारी जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देश साथ काम कर रहे हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में आतंकवाद विरोधी अभियानों और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में भारत-इजरायल सहयोग और गहरा हो सकता है.

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर इजरायल का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है और पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.

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