ईरान दुनिया के लिए बड़ा खतरा... अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, मीडिल ईस्ट में हलचल तेज

Iran US Compromise: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक अहम बयान सामने आया है. ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त रवांची ने कहा है कि अगर अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने पर बातचीत करने को तैयार हो, तो ईरान परमाणु समझौते पर कुछ रियायत देने पर विचार कर सकता है.

Iran big threat to the world US Secretary of State big statement turmoil in the Middle East
Image Source: Social Media

Iran US Compromise: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक अहम बयान सामने आया है. ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त रवांची ने कहा है कि अगर अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने पर बातचीत करने को तैयार हो, तो ईरान परमाणु समझौते पर कुछ रियायत देने पर विचार कर सकता है. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा कि अब फैसला अमेरिका को करना है. अगर अमेरिका ईमानदारी दिखाए, तो समझौते की संभावना बन सकती है.

दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. उनका कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक रास्ता चाहते हैं, लेकिन परमाणु हथियारों से लैस ईरान क्षेत्र और दुनिया के लिए खतरा होगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. खबर है कि एक और अमेरिकी विमानवाहक पोत वहां तैनात किया जा रहा है.

पहले भी हुई है बातचीत

ओमान में हाल ही में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी. ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हुए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर भी इस प्रक्रिया का हिस्सा थे. हालांकि बातचीत सीधे नहीं, बल्कि परोक्ष तरीके से हुई थी.

2015 का परमाणु समझौता

ईरान के साथ परमाणु समझौता जुलाई 2015 में संयुक्त व्यापक कार्ययोजना के तहत हुआ था. इसमें ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 3.67 प्रतिशत तक सीमित करने और अपने भंडार को 300 किलोग्राम तक रखने पर सहमति दी थी. लेकिन 2018 में अमेरिका के इस समझौते से हटने के बाद यह व्यवस्था टूट गई.

आगे क्या होगा?

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अगली बातचीत मंगलवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हो सकती है. इसमें स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर के शामिल होने की संभावना है. इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ समझौता जरूरी है, नहीं तो हालात गंभीर हो सकते हैं. उन्होंने हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात को सकारात्मक बताया.

गौरतलब है कि जून 2025 में अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर हमला किया था. ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी.

ये भी पढ़ें- जम्मू कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, 8,000 संदिग्ध खातों को किया गया फ्रीज; जानें पूरा मामला