Modi Cabinet Masterplan: केंद्र सरकार ने देश में तेजी से विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक अहम कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेलवे, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इन योजनाओं पर करीब 1.6 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इन फैसलों से देश के परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी दी और बताया कि सरकार का फोकस रेलवे नेटवर्क के विस्तार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने पर है. इन योजनाओं से रोजगार के नए मौके मिलेंगे और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
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— PIB India (@PIB_India) February 14, 2026
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1.6 लाख करोड़ रुपए के फैसलों में क्या-क्या शामिल है?
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे विस्तार, अर्बन चैलेंज फंड और स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 जैसी बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है. इन योजनाओं का उद्देश्य देश के विकास को तेज करना है. रेलवे नेटवर्क के विस्तार से माल और यात्री परिवहन को आसान बनाया जाएगा, जबकि स्टार्टअप फंड से युवाओं को नए व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी.
रेलवे परियोजनाओं में क्या-क्या काम होंगे?
कैबिनेट ने तीन बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इनमें अंबाला से दिल्ली, कसारा से मनमाड और होसपेट से बल्लारी रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइन बनाने की योजना है. विशेष रूप से कसारा-मनमाड सेक्शन पर 10,154 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. यह प्रोजेक्ट मुंबई को उत्तर और पूर्व भारत से जोड़ने में मदद करेगा.
स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा देना और नवाचार को मजबूत करना है. इस फंड के जरिए नए व्यवसायों को वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योग बढ़ेंगे.
इन फैसलों से आम लोगों को क्या लाभ होगा?
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से यात्रा आसान होगी और माल परिवहन तेज होगा. इससे व्यापार और उद्योग को फायदा होगा. इसके साथ ही स्टार्टअप योजनाओं से रोजगार के नए अवसर और आर्थिक विकास को गति मिलेगी.
विकास को नई दिशा देने वाला मास्टरप्लान
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से परिवहन और लॉजिस्टिक सेक्टर में बड़ा बदलाव आएगा. रेलवे लाइन विस्तार से ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और ट्रैफिक जाम कम होगा, जिससे व्यापार और उद्योग को फायदा मिलेगा. सरकार का उद्देश्य देश को तेज रफ्तार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना है. इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, खासकर औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर सरकार का फोकस
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी. रेलवे विस्तार और शहरी विकास परियोजनाएं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी.
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है, जो 12 जिलों और दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित चार राज्यों को कवर करेंगी. इससे भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. इससे रेल क्षमता बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और माल एवं यात्री परिवहन तेज और सुगम होगा.
इसके अलावा, असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 33.7 किलोमीटर लंबी अंडरवॉटर टनल परियोजना को भी मंजूरी दी गई है. यह परियोजना ट्विन-ट्यूब टनल बोरिंग मशीन डिजाइन से बनाई जाएगी, जिसमें दो ट्यूब में दो-दो लेन सड़क होगी और एक ट्यूब में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा. इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा मिलेगा.
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