ईरान में बढ़ी अंदरूनी कलह! खामेनेई के जनाजे में विदेश मंत्री अराघची का विरोध, लगे ये नारे

Iran FM Abbas Araghchi: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. दावा किया गया कि तेहरान में मौजूद कुछ कट्टरपंथी और सरकार समर्थक लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और उनके खिलाफ नारे लगाए.

Internal strife escalates in Iran Foreign Minister Araghchi faces protest at Khamenei funeral
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Iran FM Abbas Araghchi: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. दावा किया गया कि तेहरान में मौजूद कुछ कट्टरपंथी और सरकार समर्थक लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और उनके खिलाफ नारे लगाए.

बताया जा रहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत और युद्धविराम की कोशिशों को लेकर कुछ लोग अराघची से नाराज थे. विरोध बढ़ने के बाद उन्हें अंतिम यात्रा बीच में ही छोड़नी पड़ी. इस घटना को ईरान की अंदरूनी राजनीति में बढ़ते मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है.

अमेरिका से बातचीत को लेकर नाराजगी

सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में दावा किया गया कि अंतिम यात्रा में शामिल कुछ लोगों ने अब्बास अराघची के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें अमेरिका के साथ बातचीत करने को लेकर निशाना बनाया.

अराघची ने हाल के समय में अमेरिका के साथ बातचीत और संभावित समझौते की कोशिशों में अहम भूमिका निभाई है. इसी वजह से कट्टरपंथी गुट उनसे नाराज बताए जा रहे हैं. इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को भी खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान विरोध का सामना करने की खबरें सामने आई थीं.

अराघची ने बताया एकता का संदेश

विरोध के बीच अब्बास अराघची ने खामेनेई की अंतिम यात्रा में जुटी भीड़ को ईरान की एकता और ताकत का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ईरानी लोग अपने नेता और उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए एक साथ आए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की जनता और उसकी सेना किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाली नहीं है.

अमेरिका को दिया संदेश

अराघची ने अमेरिका को पुराने समझौतों और किए गए वादों की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि जब तक धमकियों का माहौल खत्म नहीं होता, तब तक किसी अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना मुश्किल होगा. उन्होंने अमेरिका से अपने वादों का सम्मान करने की अपील की और कहा कि बातचीत के लिए भरोसे का माहौल जरूरी है.

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