पेरिस: फ्रांस की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है. देश की प्रमुख दक्षिणपंथी नेता और नेशनल रैली (RN) पार्टी की प्रमुख मरीन ले पेन को यूरोपीय संघ के धन के दुरुपयोग के मामले में दोषी करार दिया गया है. अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्होंने और उनकी पार्टी के अन्य सदस्यों ने यूरोपीय संसदीय धन को अपनी पार्टी के लाभ के लिए अनुचित रूप से इस्तेमाल किया.
राजनीतिक करियर को खतरा?
इस फैसले के बाद मरीन ले पेन के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान लग गए हैं. अगर अदालत उनके खिलाफ सजा का ऐलान करती है, तो उन्हें 2027 के राष्ट्रपति चुनाव से बाहर होना पड़ सकता है.
कानूनी प्रतिबंध और संभावित सजा
मामले की पैरवी कर रहे अभियोजकों ने अदालत से मांग की थी कि मरीन ले पेन पर कम से कम पांच वर्षों का राजनीतिक प्रतिबंध लगाया जाए. यदि यह प्रतिबंध लागू होता है, तो वह किसी भी सार्वजनिक पद पर नहीं रह सकेंगी और 2027 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की उनकी योजना पूरी तरह धराशायी हो सकती है.
मरीन ले पेन का बचाव
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मरीन ले पेन ने इसे "राजनीतिक षड्यंत्र" करार दिया और कहा कि उन्हें राजनीति से बाहर करने की साजिश रची गई है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं की है और यह फैसला उनकी पार्टी को कमजोर करने का एक प्रयास है.
मैक्रों को मिला फायदा
इस फैसले से सबसे अधिक लाभ फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को होने की संभावना है. 2027 में वह फिर से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं और मरीन ले पेन के खिलाफ कड़ी टक्कर देने वाली कोई बड़ी विपक्षी ताकत फिलहाल नजर नहीं आ रही.
अदालत का क्या कहना है?
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मरीन ले पेन और उनकी पार्टी ने यूरोपीय संघ के फंड का दुरुपयोग किया था.
न्यायाधीश बेनेडिक्ट डी पर्थुइस ने कहा, "यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि इन सभी लोगों ने वास्तव में अपनी पार्टी के लिए काम किया, जबकि उनके पदों को अन्य उद्देश्यों के लिए वित्त पोषित किया गया था. यह एक प्रशासनिक गलती नहीं थी, बल्कि एक योजनाबद्ध रणनीति थी."
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