आज के दौर की जंग सिर्फ़ बंदूकों और टैंकों से नहीं लड़ी जाती — अब चूहे, मधुमक्खियां और डॉल्फ़िन भी अंतरराष्ट्रीय सेनाओं का अहम हिस्सा बन चुके हैं. आधुनिक वॉरफेयर में जानवरों को प्रशिक्षित कर उनका इस्तेमाल विस्फोटकों की पहचान, घुसपैठ रोकने और दुश्मन की निगरानी जैसे मिशनों में किया जा रहा है.
विस्फोटक सूंघने वाले ‘हीरो चूहे’
कंबोडिया, मोज़ाम्बिक और यूक्रेन जैसे देशों में चूहों को लैंडमाइन डिटेक्शन के लिए प्रशिक्षित किया गया है. खासतौर पर अफ्रीकी जायंट पाउच्ड रैट्स, जिन्हें “HeroRATs” भी कहा जाता है, इस मिशन में सबसे आगे हैं. ये चूहे न सिर्फ़ विस्फोटकों की गंध को पहचान लेते हैं, बल्कि इतने हल्के होते हैं कि माइन्स को एक्टिवेट भी नहीं करते. एक प्रशिक्षित चूहा 30 मिनट में एक टेनिस कोर्ट जितने बड़े क्षेत्र की तलाशी ले सकता है, जो इंसान या कुत्ते के लिए घंटों का काम होता.
इन चूहों की खासियत क्या है?
इज़राइल में इन चूहों को एयरपोर्ट्स पर सामान की जांच में लगाया जाता है. ये विस्फोटकों को खोज निकालने में माहिर हैं और परंपरागत मशीनों से तेज़ साबित हुए हैं. कुछ रिपोर्ट्स में ईरान द्वारा ‘सुसाइड चूहों’ को ट्रेन करने का भी ज़िक्र आता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी.
भारत की मधुमक्खियां बॉर्डर की रखवाली करती हैं!
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ ने मधुमक्खियों को “घुसपैठ रोकने वाले सैनिक” बना दिया है. नदिया (पश्चिम बंगाल) में बीएसएफ की 32वीं बटालियन ने सीमा पर मधुमक्खी पालन बॉक्स (एपियरी) टांगना शुरू किया. जब कोई सीमा पार करने की कोशिश करता है, मधुमक्खियां हमला कर देती हैं. अब तस्कर और घुसपैठिए इस ‘प्राकृतिक सुरक्षा’ से डरने लगे हैं. जवानों को बाकायदा मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
भूकंप में फंसे लोगों को ढूंढते हैं चूहे!
आपदा राहत में भी चूहों की भूमिका सामने आई है. प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूकंप) के बाद मलबे में फंसे लोगों को ढूंढने के लिए इन चूहों को मानव गंध पहचानने की ट्रेनिंग दी जाती है. वे तंग जगहों से होकर लोगों तक पहुंचते हैं, जहां इंसान या कुत्ते नहीं पहुंच पाते.
अमेरिका और रूस की ‘समुद्री फौज’
अमेरिकी नौसेना “नेवी मरीन मैमल प्रोग्राम” के तहत डॉल्फ़िन और कैलिफोर्निया सील्स को ट्रेंड करती है, जो पानी के नीचे माइन्स और विस्फोटकों का पता लगाते हैं. रूस समेत कई देश डॉल्फ़िन्स को अंडरवॉटर निगरानी और दुश्मन की सबमरीन पहचानने में इस्तेमाल करते हैं.
ये भी पढ़ेंः लोगों का दिमाग पढ़ने में माहिर है चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की बेटी, जानिए अब क्यों चर्चा में आईं Xi Mingze