Iran-US War: मध्य पूर्व में जारी ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है. इस युद्ध में अब तक अमेरिका को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जंग की शुरुआत से अब तक अमेरिका के कम से कम 16 सैन्य विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इनमें अत्याधुनिक फाइटर जेट, ड्रोन और टैंकर विमान शामिल हैं. यह नुकसान अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार जवाबी कार्रवाई जारी है. करीब 20 दिन से चल रही इस जंग में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और हवाई हमले तेज हो गए हैं.
किन-किन विमानों को हुआ नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक अमेरिका के 16 सैन्य विमान प्रभावित हुए हैं. इनमें MQ-9 रीपर ड्रोन, F-15 फाइटर जेट, KC-135 टैंकर और अत्याधुनिक F-35 जैसे विमान शामिल हैं.
बताया गया है कि करीब 10 MQ-9 रीपर ड्रोन ईरानी हमलों में मार गिराए गए. ये ड्रोन बिना पायलट के होते हैं और खतरनाक मिशनों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.
इसके अलावा, कुछ नुकसान दुर्घटनाओं और ‘फ्रेंडली फायर’ यानी अपनी ही सेना की गलती से भी हुआ है. कुवैत में तीन F-15 फाइटर जेट अपनी ही फायरिंग में गिर गए, जबकि एक KC-135 टैंकर विमान ईंधन भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी क्रू सदस्यों की मौत हो गई.
सऊदी अरब के एक एयरफील्ड पर ईरानी मिसाइल हमले में पांच KC-135 टैंकर विमान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.
F-35 पर भी हमला, करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
इस जंग में सबसे चौंकाने वाली घटना अमेरिका के सबसे एडवांस फाइटर जेट F-35 से जुड़ी है. ईरान की जवाबी कार्रवाई में इस स्टील्थ फाइटर जेट को निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसे मजबूरन मिडिल ईस्ट के एक एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. हालांकि पायलट सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है.
ईरानी एयर डिफेंस बना बड़ी चुनौती
अमेरिका और इजरायल ने शुरुआती हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली. अब भी ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय है और अमेरिकी विमानों के लिए खतरा बना हुआ है.
इसी वजह से अमेरिका को पूरे क्षेत्र में हवाई वर्चस्व हासिल करने में दिक्कत हो रही है.
अमेरिका ने माना- पूरे क्षेत्र पर नहीं है नियंत्रण
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है कि उनका नियंत्रण पूरे ईरानी हवाई क्षेत्र पर नहीं है. जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन ने कहा कि अमेरिका को केवल कुछ सीमित इलाकों में ही बढ़त हासिल है, जबकि बाकी क्षेत्रों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
नुकसान की वजह क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े नुकसान के पीछे ऑपरेशन्स की तीव्रता और लगातार बढ़ती हवाई गतिविधियां जिम्मेदार हैं. युद्ध के दौरान हर दिन पहले से ज्यादा मिशन उड़ाए जा रहे हैं, जिससे जोखिम भी बढ़ गया है.
इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील इलाकों में सक्रिय एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल खतरे को और बढ़ा रहे हैं.
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