Kerala CM Face: केरल में किसके सिर सजेगा सीएम का ताज? कुर्सी के लिए ये तीन नेता दावेदार

Kerala CM Face: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने दस साल के इंतजार के बाद शानदार वापसी की है. 140 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटें जीतकर इतिहास रचा.

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Kerala CM Face: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने दस साल के इंतजार के बाद शानदार वापसी की है. 140 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटें जीतकर इतिहास रचा. कुल 2.15 करोड़ वोटों में से यूडीएफ को एक करोड़ से ज्यादा वोट मिले. इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा.

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन दिग्गज

मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस के तीन बड़े नेता, वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला, आमने-सामने हैं. सभी अपने समर्थकों के जरिए अपनी दावेदारी मजबूत साबित करने में जुटे हैं. कांग्रेस आलाकमान ने इस चुनौती को संभालने के लिए वरिष्ठ नेताओं मुकुल वासनिक और अजय माकन को पर्यवेक्षक के तौर पर केरल भेजा है.

क्यों है चुनाव का निर्णय इतना पेचीदा

तीनों दावेदार नायर समुदाय से आते हैं और सभी दिवंगत मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के शिष्य रह चुके हैं. इसलिए किसी एक को चुनना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है. धर्म, जाति और अनुभव के कारण इस चुनाव में संतुलन बनाना पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण है.

रमेश चेन्निथला

रमेश चेन्निथला ने इस चुनाव में यूडीएफ की अभियान समिति की अध्यक्षता की और हरिपाद सीट से भारी मतों से जीत हासिल की. उनके समर्थकों का कहना है कि उनके अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित भूमिका उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है. चेन्निथला ने नतीजों के बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी का जीत में योगदान मानते हुए उनकी 'पांच गारंटियों' की सफलता को प्रमुख बताया.

वीडी सतीसन

वी.डी. सतीसन ने विपक्षी नेता के रूप में चुनाव अभियान का नेतृत्व किया. उनका दावा है कि उन्हें गठबंधन के बड़े सहयोगी दल, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, और आम जनता का समर्थन हासिल है. सतीसन के गढ़ एर्नाकुलम से जीत हासिल करने वाले नेताओं का कहना है कि उनकी मेहनत ने पार्टी को पिछली हार से उबार कर इस शानदार जीत तक पहुंचाया.

केसी वेणुगोपाल

के.सी. वेणुगोपाल ने इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि केवल लोकप्रियता से काम नहीं चलेगा, बल्कि पार्टी विधायकों का समर्थन भी जरूरी है. कांग्रेस के 63 विधायकों में से अधिकांश वेणुगोपाल के पक्ष में हैं. वे राहुल गांधी के बेहद करीबी और वफादार माने जाते हैं.

जीत में वेणुगोपाल की अहम भूमिका

वेणुगोपाल ने 'इंदिरा गारंटी' अभियान को राज्य भर में लागू करने और सही उम्मीदवारों का चयन करने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने पार्टी के अंदर झगड़ों को खत्म किया, बागियों को रोका और सहयोगी दलों को जोड़े रखा. इस रणनीति ने यूडीएफ को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई.

गुटबाजी तेज, अब कांग्रेस आलाकमान का फ़ैसला

मुख्यमंत्री पद के तीनों दावेदारों के समर्थक अब पूरी ताकत से अपनी लड़ाई में लगे हैं. अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर, सोशल मीडिया अभियान और स्वागत समारोहों के माध्यम से अपनी दावेदारी पेश की जा रही है. अब पूरी नजरें इस बात पर हैं कि कांग्रेस आलाकमान विधायकों की राय जानने के बाद किसके सिर पर केरल के मुख्यमंत्री का ताज रखेगा.

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